गौचर। यहां आईटीबीपी की सैनिक सभा में पहुंचे गृहमंत्री राजनाथ सिंह गढ़वाल की पारंपरिक वेशभूषा, परंपराओं को देखकर अभिभूत हुए। उन्होंने उत्तराखंड की लोक संस्कृति की सराहना करते हुए आईटीबीपी के अधिकारियों से स्थानीय और परंपरागत पकवानों के बारे में भी जानकारी ली।
रविवार को गृह मंत्री दोपहर साढ़े बारह बजे से दोपहर दो बजे तक आईटीबीपी जवानों के बीच रहे। इस दौरान जवानों का हाल चाल पूछते परिवार से दूर जवानों को बेहतर संचार सुविधा देने की उन्होंने बात कही, वहीं कार्यक्रम में श्रीनंदा देवी राजजात की झांकी प्रस्तुत करने वाले कलाकारों की पारंपरिक वेशभूषा और प्रस्तुतीकरण को लेकर वे भी खासे अभिभूत दिखे। उन्होंने कलाकारों से श्रीनंदा देवी राजजात यात्रा की महत्ता के बारे में जानकारी ली। साथ ही हर बारह साल में होने वाली इस परंपरा का मन ही मन नमन किया। आईटीबीपी अधिकारियों द्वारा जलेबी परोसने पर गृह मंत्री ने गढ़वाल में परोसे जाने वाले विभिन्न व्यंजनों की जानकारी भी ली।
प्रशासन ने किए थे कड़े सुरक्षा इंतजाम
गौचर। गृहमंत्री के कार्यक्रम के दौरान यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन मुस्तैद रहा। गृहमंत्री का हेलीकॉप्टर ठीक साढ़े बारह बजे गौचर हवाई पट्टी पर उतरा और भारी सुरक्षा व्यवस्था में आईटीवीपी कैंप पहुंचाया गया। गृहमंत्री के कार्यक्रम के दौरान डीएम आशीष जोशी, एसपी तृप्ति भट्ट, एसडीएम केएन गोस्वामी, आईजी आईटीवीपी एचएस गुरैया, आईजी एसएस हाटा, डीआईजी संजय सिंह आदि मौजूद थे।
जनप्रतिनिधियों की भीड़ देख रुके राजनाथ, अभिवादन किया स्वीकार
गौचर। गृहमंत्री के दौरे से उत्साहित जनप्रतिनिधियों की भीड़ आईटीबीपी परिसर में लगी रही। लेकिन प्रशासन की मुश्तैदी के चलते लोगों को राजनाथ सिंह से मुलाकात का मौका नहीं मिला। हालांकि परिसर से हवाई पट्टी जाते वक्त राष्ट्रीय राजमार्ग पर लोगों के हाथों में मालाएं देख राजनाथ ने अपनी कार रोकी। और जनसमुदाय की ओर मुखातिब हुए। इस दौरान लोगों ने गृहमंत्री का स्वागत किया। प्रधान संगठन के अध्यक्ष खिलदेव सिंह के नेतृत्व में रणवीर कंडवाल, भगवान कंडवाल, किरन देवी, रेखा देवी, राजेश कुमार, हरीश चौहान आदि ने सीमांत जिले के विकास की मांगें की गई। ब्यूरो