देवप्रयाग (ब्यूरो)। पालिका देवप्रयाग में शामिल किए जाने के विरोध में 15 गांवों की जनता दो अक्तूबर से तहसील परिसर में धरना शुरू करेगी। इसके अलावा ग्रामीणों ने निदेशक शहरी विकास से देहरादून में वार्ता कर शासन के निर्णय पर विरोध किया है।
उत्तराखंड शासन ने गत 22 सितंबर को टिहरी जिले के बागेश्वर, पंतगाव, जोगड़ी, भ्वींट, तुणगी, मुनेठ, पालीसैंण, पाली गोर्थीकांडा, बागी, रामपुर श्यामपुर, महडजगठि, पाली व जखेड़ और पौड़ी जिले के सौड़, पुंडल ,खेड़ा गांवों को देवप्रयाग पालिका मेें शामिल करने की अधिसूचना जारी की गई थी। समिति के पदाधिकारियों ने दो दिन पूर्व ब्लाक प्रमुख जयपाल पंवार की अगुवाई में निदेशक शहरी विकास विनोद कुमार से भेंटकर इस निर्णय पर आपत्ति दर्ज कराई। समिति के अध्यक्ष विनोद टोडरिया, धनेश कैंतुर, लखपत सिंह और अरुण डबराल ने बताया कि ग्राम पंचायतों को विश्वास में लिए बगैर शासन ने आदेश जारी किया है।