रुद्रप्रयाग/गोपेश्वर। बदरीनाथ-मद्महेश्वर ट्रैकिंग रूट पर पनपतिया में छह दिन से फंसे दिल्ली और पश्चिम बंगाल के 9 ट्रैकरों और पोर्टरों को लेने गया सेना का हेलीकॉप्टर खराब मौसम के कारण वहां नहीं उतर पाया। क्षेत्र के तीन चक्कर लगाने के बाद भी नहीं उतर पाने के बाद हेलीकॉप्टर जोशीमठ लौट आया।
बृहस्पतिवार सुबह 6.45 बजे जोशीमठ से सेना के हेलीकॉप्टर ने पनपतिया के लिए उड़ान भरी, लेकिन वहां क्षेत्र में हो रही हल्की बारिश और कोहरा छाने से हेलीकॉप्टर उतर नहीं पाया। हालांकि, हेलीकॉप्टर ने पनपतिया क्षेत्र में काफी नीचे तक उड़ान भरी। हेलीकॉप्टर में सवार सेना की रेस्क्यू टीम ने पाया कि वहां 8-9 लोग दिख रहे थे, जिन्होंने वहां टेंट लगा रखा है। वहां मौजूद दो तीन लोगों ने हाथ भी हिलाया। इसके बाद करीब 8.30 बजे हेलीकॉप्टर जोशीमठ लौट आया। सुबह 10 बजे सेना ने दूसरा हेलीकॉप्टर क्षेत्र में भेजा। इस हेलीकॉप्टर ने भी काफी नीचे तक उड़ान भरी। इस बार भी टेंट वाले क्षेत्र में हेलीकॉप्टर से आवाज दी गई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। वहां बर्फ के बीच एकमात्र टेंट के अलावा कोई नजर नहीं आया।
इधर, जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि जो बातें सेना रेस्क्यू दल ने बताई हैं, उससे संभावना व्यक्त की जा रही है कि ये सभी टैकर्स आगे के लिए बढ़ रहे हैं या फिर उसी रूट से पीछे लौट रहे हैं। शुक्रवार को फिर रेस्क्यू किया जाएगा।
आज पांच हेलीकॉप्टरों से होगा रेस्क्यू
रुद्रप्रयाग। बदरीनाथ-मद्महेश्वर ट्रेकिंग रूट पर छह दिन से फंसे दिल्ली और पश्चिम बंगाल के 9 टैकरों और पोर्टरों को निकालने के लिए शुक्रवार को पांच हेलीकॉप्टरों से पनपतिया में रेस्क्यू किया जाएगा। प्रशासन के आग्रह पर दो चीता हेलीकॉप्टर और एक एएलएच (एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर-ध्रुव) हेलीकॉप्टर जोशीमठ पहुंच गए हैं। एसडीआरएफ की भी एक टीम देहरादून से पहुंच गई है। इस टीम को चीता हेलीकॉप्टर से पनपतिया क्षेत्र में उतारा जाएगा।