अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
कई दिन से प्रदेश सरकार से नाराज चल रहे हरिद्वार के संत समाज को साधने में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक सफल रहे हैं।
मंगलवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को हरिद्वार आकर संतों से महंत मोहनदास की गुमशुदगी के के मामले पर संवाद करना थ। इसलिए मदन कौशिक सुबह से ही अखाड़े में डटे हुए थे और संतों का क्रोध शांत करने की एक्सरसाइज करते रहे। यही वजह रही कि सीएम के समक्ष संतों का आक्रोश गायब रहा। कोठारी मोहनदास के लापता होने की पहेली को सुलझा पाने में विफल रही हरिद्वार पुलिस के खिलाफ भी संत समाज में गुस्सा बढ़ रहा था। संतों का गुस्सा भाजपा की सेहत के लिए ठीक नहीं है, इसलिए प्रदेश सरकार के प्रवक्ता मदन कौशिक सुबह से ही सक्रिय हो गए। उनके विधानसभा क्षेत्र से जुड़ा मसला होने से उन पर दबाव कुछ ज्यादा है। प्रदेश सरकार के खिलाफ संत समाज के गुस्से को लेकर कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने पहले ही भागदौड़ कर सीएम के आने से पहले उस गुस्से को शांत करने की पूरी कवायद कर ली थी।
सुबह ही संतों के समक्ष डीजीपी से मोबाइल पर वार्ता कर पूरा अपडेट लिया और निर्देश भी दिए। इसी कवायद का नतीजा था कि शाम को जब प्रदेश के मुखिया त्रिवेंद्र सिंह रावत हरिद्वार पहुंचे तो संतों के सुर बदले हुए दिखे।