अमर उजाला ब्यूरो
धनौरी।
धनौरी-बुग्गावाला मार्ग पर पड़ने वाली बामरो नदी पर पुल नहीं होने से करीब दस गांवों की आबादी को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है! ग्रामीण पुल निर्माण के संबंध मे कई बार शासन- प्रशासन से मांग कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो पा रही है।
धनौरी क्षेत्र के डालूवाला खुर्द एवं रिठौरा गावों के बीच बहने वाली नदी पर पुल न होने से करीब चालीस हजार की आबादी प्रभावित हो रही है। नदी पर पुल न होने से इस मार्ग पर पड़ने वाले गांव रिठोरा ग्रंट, लालवाला, बड़ी लाम, छोटी लाम, कुड़कावाला, शहीदवाला, बुधवाशहीद, तेलपुरा, बंदरजूड़, बुग्गावाला और डालूवाला कला के ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
बरसात के दिनों मे तो स्थिति और भी बदतर हो जाती है। कई बार तो ग्रामीों को कई किमी का चक्कर लगाना पड़ता है।
ग्रामीण मुश्ताक, अरविंद, जनेश्वर प्रसाद और रामपाल ने बताया कि दोपहिया वाहन तो रेत मे निकल जाता है, लेकिन चारपहिया वाहन नदी मे फंस जाते हैं। इस नदी पर बना रपटा पांच वर्ष पहले आए तेज पानी के कारण वह टूट गया था। ग्रामीण नाथीराम, जयपाल, सुदेश कुमार, विनय, बिजेंद्र सिंह ने बताया कि पुल निर्माण को लेकर कई बार प्रस्ताव शासन- प्रशासन को दिए जा चुके हैं लेकिन अब तक इस ओर ध्यान नही दिया गया है।
बामरो नदी पर पुल निर्माण को लेकर प्रस्ताव शासन को प्रेषित किया हुआ है। अब तक शासन से इस संबंध मे कोई भी मंजूरी नही मिली है। मंजूरी मिलते ही पुल पर निर्माण शुरू कराया जाएगा।
-अरविंद सत्वारिया, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग, हरिद्वार