जलस्तर बढ़ने से तटों पर बसे लोग सहमे
--नेशनल हाईवे और आंतरिक मार्गों पर जलभराव ने बढ़ाई मुश्किलें
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। तीर्थनगरी और आसपास के क्षेत्रों में बीते शुक्रवार से जारी बारिश से लोग परेशान हैं। गंगा सहित अन्य नदियों का जलस्तर बढ़ने से तटीय इलाकों में बसे लोग सहमे हुए हैं। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में नेशनल हाईवे से लेकर आंतरिक सड़कों पर जलभराव ने लोगों की मुश्किलों और ज्यादा बढ़ा दिया है। रविवार को भी लगातार जारी बारिश की वजह से गंगा का जलस्तर सुबह आठ बजे खतरे के निशान से 13 सेटीमीटर नीचे बहा। इसके बाद जलस्तर में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई। पानी बढ़ने से त्रिवेणीघाट और अन्य गंगाघाट जलमग्न हो गए। चंद्रभागा, खारास्त्रोत, सौंग और सुसवा नदी में उफान आने से तटों पर बसे लोग सहम गए।
शहर में हरिद्वार-ऋषिकेश नेशनल हाईवे और अन्य आंतरिक मार्गों पर जलभराव होने से वाहन सवारों और पैदल लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मुनिकीरेती, ढालवाल, बापूग्राम, गुमानीवाला, श्यामपुर, छिद्दरवाला, रायवाला और हरिपुरकलां में भी सड़कों के जलमग्न होने से लोगों को परेशानियां पेश आई। खासकर रायवाला बाजार में नेशनल हाईवे चौड़ीकरण के चलते बरसाती पानी की निकासी के इंतजाम नहीं होने से स्थानीय लोगों की दुश्वारियां बढ़ी रही। प्रशासन ने नदियों में पानी बढ़ने पर तटीय इलाकों के लोगों को खुद ही सुरक्षित स्थान पर चले जाने की हिदायत दी है। उधर, चीला-बैराज मार्ग पर रविवार को भी बीन नदी और घासीराम स्रोत पर पानी बढ़ने से आवाजाही प्रतिबंधित रही।
जल पुलिस की चौकी में घुसा पानी
गंगा का जलस्तर बढ़ने से त्रिवेणीघाट स्थित पुलिस की चौकी जलमग्न हो गई। इसके अलावा तीर्थक्षेत्र के कई पक्के घाट भी गंगा के पानी डूब गए। कोतवाली पुलिस ने स्थानीय लोगों और बाहरी श्रद्धालुओं को गंगा में स्नान और आचमन करते वक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है। इस बाबत लोगों को मौखिक रूप से भी जल पुलिस के जवान गंगाघाटों पर बता रहे हैं।
कोट्स
प्रशासन नदियों के जलस्तर पर नजर बनाए हुए है। बाढ़ कर स्थिति उत्पन्न होने पर उससे निपटने के लिए पूरे इंतजाम हैं। नदियों के तटों पर बसे लोगों को पानी बढ़ने पर खुद ही सुरक्षित स्थान पर चले जाने की हिदायत दी गई है।
हर गिरि, एसडीएम, ऋषिकेश