कर्णप्रयाग। नगर की 15 हजार से अधिक आबादी और चार धाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए साफ पेयजल उपलब्ध कराने के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। हालात है कि नगर में पेयजल आपूर्ति करने वाली घटगाड़, खड़ीखाड़ और चटवापीपल गदेरे की योजनाओं पर कहीं भी फिल्टर नहीं लगे हैं। ऐसे में नगर को दूूषित पेयजल की आपूर्ति हो रहे हैं। हालात यह है कि बारिश होते ही घरों में मलबा युक्त पानी पहुंच रहा है।
पालिका के अपर बाजार, तहसील, अस्पताल, मुख्य बाजार, सुभाषनगर, सांकरी और नगर से सटे देवतोली में घटगाड़, खड़ीखाड़ और चटवापीपल योजनाओं के सहारे पेयजल आपूर्ति कर रहा है, लेकिन इन योजनाओं के न स्रोत पर फिल्टर लगे हैं न ही टैंकों पर। ऐसे में गदेरे से आना वाला पानी सीधे घरों तक पहुंच रहा है। यहां तक अस्पताल को होने वाली पेयजल आपूर्ति भी दूषित है। व्यापारी महेश खंडूड़ी, मुख्य बाजार के वार्ड सभासद चेतन मनोड़ी, अपर बाजार के राजेश जोशी, सुभाषनगर के पंकज कुमेड़ी आदि ने पिछले दो दिनों से हुई बारिश से रविवार को घरों तक गंदा पानी पहुंचा। गंदा पानी पीने से नगर में टायफॉयड, पीलिया सहित अन्य जलजनित रोगों की समस्या बनी है। जलसंस्थान के सहायक अभियंता विपिन चौहान ने बताया कि तहसील वार्ड में खराब पड़े फिल्टर को ठीक करने सहित सभी लाइनों पर फिल्टर लगाए जाने के प्रस्ताव शासन को भेजे गए हैं। स्वीकृति मिलने पर फिल्टर लगा दिए जाएंगे। वहीं ब्लाक के डिम्मर, टटासू, सिमली, सिलंगी, उत्तरों आदि गांवों में दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। ग्रामीणों ने जलसंस्थान से शीघ्र साफ पेयजल आपूर्ति की मांग की है।