श्रीनगर। प्रजापिता ब्रह्म कुमारी ईश्वरीय विवि की पहल पर व्यसन मुक्ति विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। इस मौके पर कहा गया कि मनुष्य को नशे से दूर रहना चाहिए। नशा मानसिक और शारीरिक रोगी बना देता है।
रविवार को ईश्वरीय विश्वविद्यालय की श्रीनगर शाखा की ओर से आयोजित कार्यशाला मेें मुख्य वक्ता डा. सचिन प्रभु ने नशे के दुष्परिणाम बताए। उन्होंने कहा कि मनुष्य सृष्टि का सर्वश्रेष्ठ प्राणी है। लाखों योनियों के बाद मनुष्य जन्म मिलता है। व्यसन मनुष्य की कमजोरी है, जो मनुष्य जीवन की गरिमा गिरा देता है। व्यसन मानसिक रुप से कमजोर बना देता है। वहीं शारीरिक रुप से मनुष्य बीमार हो जाता है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जगतराम जोशी ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से समाज को सही सीखने की प्रेरणा मिलती है। समाज में विशेषकर युवा वर्ग को नशे से बचाने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए। इस अवसर पर भोपाल चौधरी, डा. जय किशन तिवाड़ी, हरि कृष्ण अरोड़ा, बीके पूनम, प्रभा तिवारी और डा. कमलेश तिवाड़ी आदि मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन महरचंद ने किया।