हरिद्वार। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरी ने कहा कि हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद अगर कोई संत अनाधिकृत रूप से स्वयं को शंकराचार्य के रूप में प्रसारित करेगा तो अखाड़ा परिषद उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के साथ ही सामाजिक बहिष्कार भी करेगी। साथ ही उन्होंने ज्योर्तिमठ को लेकर आए हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए जगदुगुरु स्वरूपानंद और वासुदेवानंद से आग्रह किया है कि वह अब आपस में बैठकर इस पीठ के विवाद का निस्तारण कर लें।
टेलीफोन पर अमर उजाला से वार्ता करते हुए श्रीमंहत नरेंद्र गिरी महाराज ने कहा कि हाईकोर्ट ने ज्योतिष पीठ के निर्णय के साथ ही देश में केवल चार शंकराचार्य होने की बात कहकर अखाड़ा परिषद की ओर से उठाए जा रहे मुद्दों पर मुहर लगा दी है। अखाड़ा परिषद पहले ही इस बात को कहती आई है कि चार पीठों के शंकराचार्य ही अधिकृत है। उन्होंने कहा कि अखाड़ा परिषद ऐसे संत जो कि अपने आप को अनाधिकृत रूप से शंकराचार्य प्रचारित कर रहे हैं उनका सामाजिक बहिष्कार करेगी।