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चयनित 96 बेघरों में से 16 गायब ढूंढे नहीं मिल रहे

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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
नगर निगम की ओर से चयनित 96 बेघर शहरी गरीबों में से 16 गायब हो गए हैं। नगर निगम के अधिकारियों को घर देने के लिए चयनित 16 लोग ढूंढे नहीं मिल रहे हैं। ऐसी स्थिति में उसने 80 शहरी गरीबों को पांडेवाला ज्वालापुर में बने आवासों के आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
गांधी जयंती 2 अक्तूबर को लाटरी के जरिये आवास आवंटन होगा। परंतु नगर निगम की काम करने की जो चाल है उससे आवास आवंटन हो पाना मुश्किल लग रहा है। नियमानुसार अब तक एक भी चयनित पात्र व्यक्ति को उसकी रजामंदी का अनुबंध पत्र साइन नहीं है। अभी यह भी पता नहीं है कि जिन शहरी गरीबों का आवास आवंटन के लिए वर्ष 2008 तथा दूसरी बार 2012 में फिर से चयन किया गया था वे पांच साल बाद की बदली स्थिति में वर्तमान कब्जे की जगह को छोड़कर जाने को तैयार भी हैं या नहीं। चयनित लोग अभी जिस सरकारी खुली जमीन पर अतिक्रमण कर बसे हुए हैं वह उसको छोड़कर सरकार द्वारा बनाए गए एक कमरे के आवास में जाना पसंद करेंगे भी या नहीं। उनकी मनोदशा को भी अधिकारी अभी तक भांप नहीं पाए हैं। इसके लिए 28 सितंबर को चयनित पात्र लाभार्थियों को बुलाया गया है।
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नगर निगम के 2012 के सर्वे के अनुसार चयनित 80 पात्रों में 12 भगत सिंह चौक के पास टिबड़ी की नगर निगम की भूमि पर काबिज हैं। 20 मायापुर में टंकी नंबर 6 के पास गंगा नहर की उपर की साइड के हैं। 12 परिवार भल्ला मैदान के स्थिति टाउन हाल के पास रोड पर झोपड़ी डालकर रहने वाले हैं और सबसे अधिक 36 परिवार औद्योगिक क्षेत्र हरिद्वार स्थित लवकुश बस्ती से हैं।

सशर्त होगा आवास आवंटन
पात्र लाभार्थियों को सशर्त आवास आवंटित करने का प्रावधान हैं। आवास आवंटन से पहले उन्हें नगर निगम के साथ अनुबंध करना होगा कि जिस सरकारी जमीन पर वह वर्तमान में काबिज हैं, उसे संबंधित विभाग या नगर निगम को सौंप देंगे। आवास मिलने के बाद उसे बेचेंगे नहीं और फिर कभी सरकारी जमीन पर अतिक्रमण नहीं करेंगे। उन्हें आवास निर्माण की लागत मूल्य की 10 प्रतिशत धनराशि एकमुश्त अथवा आसान किश्तों में अदा करने का शपथ-पत्र देना होगा।

बकरी, सूअर पालकों को होगी समस्या
नगर निगम के पास जो 80 लाभार्थियों की सूची हैं उनके कई लोग बकरी, सूअर पालने वाले भी हैं। पांडेवाला में जो 96 आवास बने हैं। उनके चार ब्लाक हैं, प्रत्येक ब्लाक में 24-24 आवासों का चार मंजिला ब्लाक है। अब जिस व्यक्ति की लाटरी प्रथम तल को छोड़कर द्वितीय, तृतीय व चतुर्थ मंजिल के आवास की निकलेगी। वह बकरी व सूअरों को लेकर उपर कैसे चढ़ेंगे। ऐसे लोगों को अपना रोजगार भी बदलना पड़ेगा।
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चयनित 96 परिवारों में जो 16 नहीं मिल रहे हैं। इनकी सूची शासन को भी भेज दी जाएगी। शासन स्तर पर बचे हुए आवासों के आवंटन के संबंध में जो दिशा-निर्देश प्राप्त होगा उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
- पीके बंसल, सहायक नगर आयुक्त
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