अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में सबको योगदान करना चाहिए। विपरीत परिस्थितियों में काम करने वाले व्यक्तियों के प्रयासों से राष्ट्र का निर्माण होता हैं। कहा कि हम सब भारत को दुनिया का सिरमौर बनाना चाहते हैं। उन्होंने दिव्य प्रेम सेवा मिशन की ओर से किए जा रहे कार्यों की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
राष्ट्रपति शनिवार शाम हरिद्वार में मानव सेवा को समर्पित दिव्य प्रेम सेवा मिशन चंडीघाट स्थित परिसर में आयोजित अभिनंदन समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति की काम करने की अपनी क्षमता और विजन होता है। हर व्यक्ति में कुछ अदृश्य शक्तियां भी छिपी होती हैं। जो उसे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं। महामहिम ने सेवा के क्षेत्र में दिव्य प्रेम सेवा मिशन की ओर से किए जा रहे कार्यों की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। कहा कि समाज के उपेक्षित कुष्ठ रोगियों की सच्चे भाव से सेवा करना अनुकरणीय है। संस्था के संस्थापक आशीष गौतम और संस्था के सदस्य उत्कृष्ट काम कर रहे हैं। कार्यक्रम में राज्यपाल डा. केके पाल, विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद्र अग्रवाल, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने भी विचार रखे। आशीष गौतम ने अतिथियों का स्वागत किया। इससे पहले हरकी पैड़ी पहुंचकर राष्ट्रपति और उनकी पत्नी सविता ने परिजनों के साथ मां गंगा की पूजा अर्चना की। भारी बारिश के बीच महामहिम के पहुंचने पर गंगा सभा के पदाधिकारियों के अलावा काबीना मंत्री मदन कौशिक, मेयर मनोज गर्ग तथा रुड़की के विधायक प्रदीप बत्रा आदि ने राष्ट्रपति का स्वागत किया। इस दौरान राष्ट्रपति ने दोनों हाथ उठाकर मां गंगा की निर्मलता, अविरलता की शपथ भी ली।