देवाल। जिले में आने वाले पर्यटकों को सही जानकारी देने की जिम्मेदारी संभाले पर्यटन विभाग के हाल यह हैं कि श्रीनंदा देवी राजजात का पड़ाव होमकुंड को हेमकुंड लिखा जा रहा है। यही नहीं एक पर्यटन स्थल से दूसरे पर्यटन और तीर्थाटन स्थलों की दूरी भी पर्यटकों को भ्रमित कर रही है। इस पर लोगों ने पर्यटन विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई।
हर बारह साल में होने वाली हिमालयी सचल महाकुंभ श्रीनंदा देवी राजजात में नंदा को कैलास के लिए होमकुंड से विदा किया जाता है और यही नहीं श्रीनंदा देवी राजजात की अगुवानी वाण के लाटू देवता का निशाण करता है। प्रसिद्ध यात्रा होने के बाद भी यहां पर्यटन विभाग की ओर से गलत जानकारियां दर्शायी हुई हैं। पर्यटन विभाग ने नंदकेशरी से लेकर वाण और वेदनी को जाने वाले विभिन्न मार्गों पर जानकारी के बोर्ड लगाए हैं। बोर्ड पर वाण को वारड़ गांव लिखा गया है, जबकि चमोली के अनुसूया मंदिर की वाण से दूरी 34 किमी दर्शायी गई है, जबकि यह दूरी करीब 140 किमी है। यही नहीं पर्यटक स्थल चोपता की दूरी 32 किमी दर्शायी है, जबकि वाण से चोपता 150 किमी से अधिक दूर है। वाण के क्षेत्र पंचायत सदस्य हीरा पहाड़ी ने इस संबंध में सीएम को पत्र भेजा। कहा कि कई बार विभाग को अवगत कराने के बाद भी अशुद्धियों को ठीक नहीं किया जा रहा है, जिससे यहां आने वाले पर्यटक और श्रद्धालु भ्रमित हो रहे हैं। दूसरी ओर जिला पर्यटन अधिकारी सुरेश सिंह यादव ने बताया कि वाण सहित आसपास लगे बोर्ड की जानकारी नहीं है। यदि बोर्ड में गलत सूचना अंकित है तो इसे ठीक कर लिया जाएगा।