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प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के बंद होने पर ग्रामीणों ने जताई चिंता

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कर्णप्रयाग/नारायणबगड़। राज्य सरकार की ओर से प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों को बंद किए जाने के तुगलकी फरमान से दूरस्थ गांवों के ग्रामीणों को बच्चों के भविष्य की चिंता सताने लगी है।
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कर्णप्रयाग ब्लॉक के ग्राम पंचायत नाकोट के प्रधान जगदीश लाल ने सीएम को भेजे ज्ञापन में कहा कि 40 वर्ष पुराने राजकीय जूनियर हाईस्कूल नाकोट में कम छात्र संख्या के कारण राज्य सरकार की ओर से इसे बंद करने का फैसला किया गया है। ऐसे में यहां पढ़ रहे बच्चों के सामने पढ़ाई का संकट हो गया है। उन्होंने कहा अगर इस विद्यालय को बंद किया गया तो आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। ज्ञापन में क्षेत्र पंचायत सदस्य सुनीता देवी, सीमा देवी, विनोद डिमरी आदि के हस्ताक्षर हैं। वहीं नारायणबगड़ ब्लॉक के 24 से अधिक प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के बंद होने से ग्रामीणों में रोष है। ब्लॉक के दूरस्थ बेड़गांव के ग्रामीण जय सिंह नेगी ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय के बंद होने से बच्चों को 6 से 7 किमी की दूरी जंगलों के रास्ते से तय करके अन्यत्र जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए राज्य सरकार को जनहित में यह फैसला वापस लेने की पहल करनी चाहिए, जिससे गांवों से हो रहे पलायन को रोका जा सके।
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