श्रीनगर। राज्य के माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों के रिक्त पदों पर नियुक्ति न किए जाने पर वरिष्ठ शिक्षकों ने आक्रोश जताया है। शिक्षकों का आरोप है के निदेशालय की उदासीनता के चलते नियुक्ति प्रक्रिया अधर में लटक गई है। चेतावनी दी कि अगर जल्द ही इन पदों पर नियुक्ति नहीं की गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
शहर व आस-पास क्षेत्र के विद्यालयों में तैनात वरिष्ठ शिक्षकों ने बैठक आयोजित कर प्रधानाध्यापकों के रिक्त पदों पर नियुक्ति न किए जाने पर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया। वरिष्ठ शिक्षक महेंद्र पुंडीर ने बताया कि निदेशालय ने अक्टूबर 2016 में निदेशालय ने प्रधानाध्यापकों को प्रधानाचार्य पदों पर तदर्थ नियुक्ति दी, जिसके बाद 600 प्रधानाध्यापकों के पद रिक्त हो गए थे। इस पर निदेशालय से इन पदों पर भी नियुक्ति किए जाने की बात कही गई थी। मार्च 2016 में प्रधानाध्यापकों के रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए वरिष्ठ शिक्षकों की चरित्र आख्या (सीआर) मांगी थी, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। बाद में विभाग ने मई 2017 को प्रधानाध्यापकों के 300 पदों पर काउंसिंलिंग प्रक्रिया शुरू की। बावजूद अभी तक इन पदों पर भी कोई नियुक्ति नहीं की गई है। जबकि काउंसिलंग में शामिल होने वाले कई शिक्षक सेवानिवृत्त हो चुके है। बैठक में वरिष्ठ शिक्षक शिव प्रसाद रतूड़ी, यशवंत बर्त्वाल, राजेंद्र रौथाण, विपिन भट्ट, कुशाल सिंह रावत, विक्रम सिंह, गोविंद डंगवाल आदि मौजूद थे।