संदीप थपलियाल
श्रीनगर। सरकारी स्कूलों की क्रीड़ा प्रतियोगिताएं कराने के लिए प्रदेश सरकार भले ही कंजूसी बरत रही हो, लेकिन इसके विपरीत कुछ लोग ऐसे में भी है, जो बिना नि:स्वार्थ प्रतिभागियों की मदद के लिए आगे आए है। यहां प्रतियोगिता में हिस्सा लेने पहुंचे दूर-दराज के बच्चों के लिए ग्राम पंचायत श्रीकोट गंगनाली की महिलाएं खाना बना रही है।
श्रीनगर में इन दिनों बेसिक विद्यालयों की चार दिवसीय क्रीड़ा प्रतियोगिता चल रही है। प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने के लिए आए बच्चों के खाने और ठहरने के लिए सरकार से कोई व्यवस्था न होने पर आयोजकों के अनुरोध पर कई मददगार आगे आए हैं। इन्हीं में श्रीकोट की मानव उत्थान सेवा समिति भी हैं। समिति के श्रीकोट स्थित आश्रम में पौड़ी जिले के दूरस्थ ब्लॉक पोखड़ा 76 बच्चे और 18 शिक्षक रुके हुए हैं। आश्रम में जहां उनके रहने की पूरी व्यवस्था की गई है। वहीं दो वक्त का खाना भी समिति से जुड़ी ग्राम पंचायत श्रीकोट गंगनाली की महिलाएं महिलाओं की ओर से खिलाया जा रहा है।
भले ही प्रदेश सरकार सरकारी स्कूलों की क्रीड़ा प्रतियोगिताओं के लिए कंजूसी बरत रही हो, लेकिन इसके विपरीत कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो बिना किसी स्वार्थ के स्कूली बच्चों की मदद के लिए आगे आए हैं। ऐसे ही मानव उत्थान सेवा समिति से जुड़ी ग्राम पंचायत श्रीकोट गंगानाली की महिलाएं दिन-रात बच्चों की सेवा में लगी हुई हैं। उक्त महिलाओं सुबह-शाम बच्चों के लिए खाना बना रही हैं। प्रदेश सरकार की ओर से इस आयोजन के लिए मात्र 45 हजार रुपये मिलने हैं। समिति से जुड़ी धनेश्वरी रौथाण, पूर्णी असवाल, शकुंतला चौहान और बिंदु रौथाण सहित अन्य महिलाओं की टीम सुबह-सवेरे में आश्रम पहुंचकर बच्चों और शिक्षकों के लिए नाश्ता तैयार कर रही हैं। रात को भी बच्चों को खाना खिलाकर उक्त महिलाएं घर लौटती हैं। आश्रम की साध्वी शालिनी बाई बताती हैं कि समिति ने बच्चों की पूरी जिम्मेदारी ली है। जब तक बच्चे क्रीड़ा प्रतियोगिता के लिए श्रीनगर में रहेंगे, उनके रहने-खाने का जिम्मा महिलाओं ने लिया है।
............
अलग-अलग स्तर पर आयोजन के लिए मदद
श्रीनगर। श्रीनगर में चल रही क्रीड़ा प्रतियोगिता को सफल बनाने में सामाजिक कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान हैं। उक्त लोग अपने-अपने स्तर पर आयोजन में मदद कर रहे हैं। सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़ कर हिस्सेदारी करने वाले गिरीश पैन्यूली ने निशुल्क टेंट उपलब्ध कराया है। वहीं पूर्व व्यापार संघ अध्यक्ष हिमांशु अग्रवाल ने बच्चों के दिन के भोजन की जिम्मेदारी उठा रहे हैं। रोटरी क्लब से जुड़ेे खिलेंद्र चौधरी ने साउंड की व्यवस्था की। जबकि ललित बिष्ट अपनी माता और महेश गिरि अपने भाई की स्मृति में विजेता प्रतिभागियों को मेडल दे रहे हैं।