फोटो :--------------
सीवर का गंदा पानी गंगा में हो रहा विसर्जित
-- अधिकारी ने जताई अनभिज्ञता, स्वच्छ गंगा मिशन योजना की उड़ रही हैं धज्जियां
अमर उजाला ब्यूूरो
देश भर में गंगा स्वच्छता मिशन योजना को लेकर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन तीर्थनगरी में ही इन दावों की हवा निकल रही है। जमीनी स्तर पर मोक्षदायिनी का किस तरह से संरक्षण हो रहा है, इसकी तस्दीक तीर्थनगरी के हालात बयां कर रहे हैं। मुनिकीरेती स्थित कुंभ मेला पार्किंग के समीप सीवर का गंदा पानी सीधे गंगा में प्रवाहित होते देखा जा सकता है। सीवर का गंदा पानी मोक्ष दायिनी में गिरकर उसे मैला कर रहा है, मगर इसकी रोकथाम के लिए जिम्मेदार लोगों को खबर ही नहीं है।
इससे आसपास गंगा में डुबकी लगाने वाले लोगों को दूषित पानी से स्नान करना पड़ रहा है। क्षेत्र में अक्सर सीवर लाइनें चोक हो जाती हैं, जिससे सीवर का दूषित जल गंगा में गिरकर उसे प्रदूषित करता है। जिससे यहां हर रोज जुटने वाले हजारों श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचती हैं। मगर इसका स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है।
क्षेत्र में सीवर के गंगा में गिरने से आसपास के लोगों को दुर्गंध के चलते परेशान होना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी संजय बडोला, धनीराम बिंजोला, आशीष कुकरेती, सतीश गुप्ता आदि का कहना है कि क्षेत्र में अक्सर सीवर ओवरफ्लो होकर गंगा में प्रवाहित होता है। बावजूद इसके कई दफा शिकायत के बावजूद जिम्मेदार विभाग इस दिशा में कार्रवाई नहीं करते। जिससे ऐसी स्थिति में अक्सर श्रद्धालु गंगा जल से आचमन व उसमें डुबकी लगाने से कतराते हैं।
अधिकारी को पता ही नहीं :
मामला संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा है तो मंगलवार को मौके का निरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद समस्या का स्थायी समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हो।
हरीश कुमार बंसल, सहायक अभियंता, जल संस्थान सीवर विंग।