घाट (चमोली)। राजकीय महाविद्यालय घाट में चल रहे आंदोलन के दौरान मांगों पर कार्रवाई न होती देख एक छात्र नेता ने खुद पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आत्मदाह की कोशिश की। इससे वह मामूली रूप से झुलस गया। अन्य छात्रों ने उसे बचा लिया और उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत सामान्य है। जन प्रतिनिधियों और अभिभावकों की मध्यस्थता के बाद गोपेश्वर महाविद्यालय के प्राचार्य डा. केए मालगुड़ी ने सोमवार तक प्रवक्ताओं की तैनाती का आश्वासन दिया तो छात्रों ने आंदोलन स्थगित कर दिया।
11 सितंबर से महाविद्यालय के विद्यार्थी मुख्य भवन निर्माण और प्रवक्ताओं की तैनाती के लिए आंदोलनरत हैं। शनिवार को महाविद्यालय गोपेश्वर के प्राचार्य डा. केएल मालगुड़ी साढ़े ग्यारह बजे धरनास्थल पर पहुंचे, जहां प्राचार्य और छात्रों के बीच मांगों को लेकर बहस शुरू हो गई। इस बीच, छात्र नेता दीपक रतूड़ी ने खुद पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किया, लेकिन तब अन्य छात्रों ने उसे पकड़ लिया। छात्रों ने मामले में प्राचार्य पर आत्मदाह के लिए उकसाने का आरोप लगाया।
महाविद्यालय छात्र संघर्ष समिति की अध्यक्ष हरिता कठैत ने कहा कि वार्ता के शुरू होने से ही मांगों को लेकर प्राचार्य की ओर से नकारात्मक रवैया अपनाया जा रहा था। दीपक ने मांगों पर कार्रवाई न होने पर आत्मदाह की चेतावनी दी थी, लेकिन प्राचार्य ने इसे अनदेखा किया। इस पर छात्र ने आत्मदाह का प्रयास किया।
जन प्रतिनिधियों और अभिभावकों की मध्यस्थता के बाद प्राचार्य डा. मालगुड़ी ने सोमवार तक प्रवक्ताओं की तैनाती का आश्वासन दिया। इस पर छात्रों ने आंदोलन स्थगित कर दिया। इस मौके पर तनूजा मैंदोली, अभिलाष, गंभीर, मनीषा, भावना, दीपा, शुभम, अर्जुन, मानसी, अर्चना और यशोदा आदि मौजूद थे।