गौचर/देवाल। आईटीबीपी आठवीं वाहिनी सुदूरवर्ती गांवों में स्वच्छता अभियान को बढ़ावा देने के साथ ही ग्रामीण काश्तकारों की ओर से तैयार उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करेगी। शुक्रवार को आईटीबीपी ने इस अभियान की शुरुआत चमसिल गांव से की।
आईटीबीपी ने दो अक्तूबर तक स्वच्छता ही सेवा मिशन के तहत दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में वृहद स्वच्छता अभियान चलाने की पहल की है। शुक्रवार को सारी ग्राम पंचायत के चमसिल (भैंसोड़) गांव में आईटीबीपी आठवीं वाहिनी के 300 से अधिक जवानों और अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर मुख्य मार्गों जल स्रोतों और नालियों की सफाई की। गांव में आयोजित संगोष्ठी में आठवीं वाहिनी के कमांडेंट गिरीश चंद्र पुरोहित ने कहा कि आईटीबीपी ग्रामीणों की ओर से तैयार उत्पादों को दिल्ली और अन्य शहरों में होने वाली प्रदर्शनियों और हाट बाजारों तक पहुंचाने में ग्रामीणों की मदद करेगी। ताकि ग्रामीणों को हस्तशिल्प और अन्य लघु उद्यमों से तैयार उत्पादों का उचित लाभ मिल सके। महिलाओं ने स्वयं सहायता समूहों और महिला मंगल दलों की आय सृजन के गतिविधियों की जानकारी अधिकारियों को दी। कार्यक्रम में सरपंच मोहन सिंह बिष्ट, आईटीबीपी के द्वितीय कमान अधिकारी प्रेम लाल और कई अन्य लोग मौजूद थे। दूसरी ओर देवाल के राजकीय प्राथमिक मॉडल स्कूल के छात्र-छात्राओं ने बाजार में रैली निकालकर स्वच्छता अभियान के प्रति जागरूक किया। इस दौरान बच्चों ने स्कूल परिसर में साफ सफाई भी की।