श्रीनगर। गढ़वाल विवि की अंग्रेजी विभाग में तैनात प्रो. सुरेखा डंगवाल की दो पुस्तकें स्नातक स्तर के पाठ्यक्रम में शामिल की गई हैं। किताबों का प्रकाशन मैकमिलम पब्लिर्शस ने किया है। प्रो. डंगवाल का कहना है कि किताबों के लेखन के दौरान सरल भाषा में स्तरीय पाठ्यक्रम तैयार करने का प्रयास किया गया है।
गढ़वाल विवि की बिड़ला परिसर में अंग्रेजी विभाग में तैनात प्रो. सुरेखा डंगवाल की किताब इंग्लिश कम्यूनिकेशन को बीए, बीएससी व बीकाम में सीबीसीएस के तहत भाषा की अनिवार्यता विषय के रूप में पढ़ाया जाएगा। जबकि दूसरी किताब इंग्लिश लैंग्वेज को बीए तृतीय सेमेस्टर में पढ़ाया जाएगा। प्रो. सुरेखा डंगवाल ने बताया कि किताबों में तैयार पाठ्यक्रम सीबीसीएस की कमियों को दूर करने में सहायक होगा। किताब लेखन के दौरान सरल भाषा में स्तरीय पाठ्यक्रम तैयार किए जाने का पूरा प्रयास किया गया हैं। किताब के सह लेखक प्रो. डीएस कैंतुरा हैं। प्रो. डंगवाल सीबीसीएस के पक्ष में नहीं हैं। उनका का कहना है कि सीबीसीएस छात्रों पर भारी पड़ रहा है। प्रो. डंगवाल ने राज्य के उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डा. धन सिंह रावत से इस संबंध में एमएचआरडी से वार्ता किए जाने का निवेदन किया था। कहना है कि भाषा की अनिवार्यता छात्र हित में नहीं है।