श्रीनगर। शासनादेश के अनुपालन में राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में एनेस्थीसिया विभाग में प्रो. आईएस योग की पुनर्नियुक्ति होने के बाद एचओडी सहित 3 फैकल्टी और पैरामेडिकल स्टाफ ने कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है। फैकल्टी और स्टाफ सिर्फ इमरजेंसी केस ले रहे हैं। इसके अलावा एचओडी डा. सुरेंद्र सिंह सहित 3 फैकल्टी ने विरोध स्वरूप प्राचार्य को सशर्त त्यागपत्र भेज दिया है। उनका कहना है कि अगर प्रो. विभाग में आई, तो वह कॉलेज छोड़कर चले जाएंगे।
एनेस्थीसिया विभाग की पूर्व अध्यक्ष प्रो. योग का जनवरी 2017 में अनुबंध खत्म होने पर प्राचार्य ने संविदा विस्तार नहीं किया था। इसकी वजह प्रो. योग पर लगे आरोप और दिसंबर माह में विभाग के चिकित्सकों व स्टाफ का विरोध था। इस पर प्रो. योग हाईकोर्ट चली गई। गत 11 सितंबर को अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने उनकी एक साल की संविदा विस्तारित कर दी। 12 सितंबर को प्रो. योग ज्वाइनिंग देनी पहुंची, तो प्राचार्य प्रो. एमएस रावत इस्तीफा देकर अवकाश पर चले गए। इस पर प्रभारी प्राचार्य प्रो. अमित सिंह ने प्रो. योग को ज्वाइनिंग दे दी। वहीं, एनेस्थीसिया विभाग के चिकित्सकों और अन्य स्टाफ ने हड़ताल पर जाने की चेतावनी भी दे डाली। बुधवार को विभाग के एचओडी एसोसिएट प्रो. सुरेंद्र सिंह, एसोसिएट प्रो. अजय विक्रम सिंह और सहायक प्रो. संजय डंडोना ने प्रभारी प्राचार्य को सशर्त सामूहिक इस्तीफा भेज दिया। साथ ही अन्य कर्मचारियों ने हड़ताल का पत्र भेज दिया। हालांकि चिकित्सकों व अन्य स्टाफ ने इमरजेंसी केस में सहयोग करने का निर्णय लिया। इसके चलते मेडिकल कॉलेज में इमरजेेंसी केस के आपरेशन ही हो पाए। एनेस्थीसिया विभाग में प्रो. योग सहित 5 फैकल्टी हैं। 3 कार्य बहिष्कार पर हैं। इसके अलावा विभाग में मंगलवार को एक एसआर ने ज्वाइनिंग दी है।
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फैकल्टी और अन्य स्टाफ के पत्र मिले हैं। चिकित्सा शिक्षा निदेशक को इस प्रकरण से अवगत करा दिया गया है। शासन के आदेश पर प्रो. योग को ज्वाइनिंग दी है, लेकिन हम उनके साथ काम नहीं कर सकते हैं। कार्य बहिष्कार चलता रहेगा। रुटीन के ऑपरेशन में हम सहयोग नहीं करेंगे।
डा. सुरेंद्र सिंह, एचओडी एनेस्थीसिया विभाग