श्रीनगर। उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डा. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य विश्व विद्यालयों में लागू सीबीसीएस (च्वाइस बेस क्रेडिट सिस्टम) को रिव्यू किए जाने के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। केंद्रीय विश्वविद्यालयों में इसे रिव्यू किए जाने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय से वार्ता की जाएगी। गढ़वाल विवि के छात्र लंबे समय से सीबीसीएस को निरस्त किए जाने की मांग कर रहे थे।
बुधवार को एक कार्यक्रम में शिरकत करने गढ़वाल विवि के चौरास परिसर पहुंचे उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डा. धन सिंह रावत ने कहा कि विश्वविद्यालयों में बिना सुविधाओं के सीबीसीएस आसान नहीं है। मंत्री ने कहा कि विवि में भवनों, पुस्तकालयों, शिक्षकों की कमी है, ऐसे में सीबीसीएस छात्रों पर भारी पड़ रहा है। बताया कि राज्य विवि में सीबीसीएस रिव्यू किए जाने के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। केंद्रीय विवि में इस पर विचार करने के लिए 21 सितंबर को वह मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से वार्ता करेंगे। गढ़वाल विवि के छात्र लंबे समय से सीबीसीएस निरस्त किए जाने की मांग कर रहे हैं। बुधवार को नाममि गंगे कार्यक्रम के दौरान गढ़वाल विवि की डिप्टी डीएसडब्ल्यू प्रो. सुरेखा डंगवाल ने भी उच्च शिक्षा राज्य मंत्री से कहा कि सीबीसीएस छात्रों पर भारी पड़ रहा है।
प्रो. सुरेखा डंगवाल की पुस्तक का विमोचन
श्रीनगर। नमामि गंगे कार्यक्रम के दौरान प्रो. सुरेखा डंगवाल की किताब का विमोचन किया गया। प्रो. सुरेखा की यह किताब बीए में सीबीसीएस के तहत अनिवार्य अंग्रेजी भाषा विषय में पढ़ाई जाएगी। किताब का प्रकाशन मैकमिलम पब्लिर्श ने की है और किताब के सह लेखक प्रो. डीएस कैंतुरा है।