अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
नगर निगम का कर एवं राजस्व विभाग आश्रम तथा धर्मशालाओं से भी हाउस टैक्स की वसूली कर रहा है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने धार्मिक संपत्तियों, आश्रमों व धर्मशालाओं को हाउस टैक्स से छूट देने की घोषणा की थी।
नगर निगम का कर एवं राजस्व विभाग को इस संबंध में शासन से दिशा-निर्देश प्राप्त नहीं होने के बाद कर एवं राजस्व कर्मियों ने आश्रमों व धर्मशालाओं से भी हाउस टैक्स की वसूली शुरू कर दी है। नगर निगम ने अवधूत मंडल आश्रम से आवासीय भाग तथा व्यावसायिक भाग से लाखों रुपये की टैक्स की वसूली कर ली है। निर्मल संतपुरा से भी हाउस टैक्स वसूल किया जा चुका है। कर एवं राजस्व अधीक्षक रमेश रावत ने बताया कि नगर आयुक्त के निर्देशों के क्रम में स्वकर निर्धारण का फार्म लेकर जमा नहीं करने वाले भवन स्वामियों को नोटिस दिया जा रहा है। आश्रम व धर्मशालाओं से भी वसूली की जा रहा है। चूंकि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार अभी तक इस संबंध में नगर निगम को न तो कोई शासनादेश प्राप्त हुआ है और न शहरी विकास शासन से किसी प्रकार का दिशा-निर्देश मिला है। ऐसे में नगर निगम सबको हाउस टैक्स जमा कराने का डिमांड भेज रहा है।
गौरतलब है कि दो महीने पहले मुख्यमंत्री ने हरिद्वार आकर अखाड़ों व आश्रमों के संतों की सभा में आश्रम, धर्मशालाओं को हाउस टैक्स से मुक्त करने का ऐलान किया था। जिसके बाद नगर निगम ने शासनादेश की प्रतीक्षा में टैक्स वसूली बंद कर दी थी, परंतु दो महीने बाद भी कोई आदेश नहीं आने से टैक्स की वसूली प्रारंभ कर दी है।