फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शहर में भाजपा बनाम भाजपा

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

कुणाल दरगन
हरिद्वार।
हरिद्वार में भाजपा में सब कुछ ठीक- ठाक नहीं चल रहा है। कभी मेयर सीधे कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के प्रेमनगर आश्रम की दीवार तुड़वा देते हैं तो कभी किटी प्रकरण को लेकर भाजपाई अंदरखाने एक- दूसरे की टांग खींचने में लगे हैं। रही सही कसर अब विधायक स्वामी यतीश्वरानंद के साथ एबीवीपी नेताओं की हुई भिड़ंत ने पूरी कर दी है। देखा जाए तो मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस को भाजपा से उलझने भिड़ने की जरूरत ही नहीं है, खुद ही भाजपाई खुद आपस में दो- दो हाथ करने के लिए तैयार बैठे हैं।
विज्ञापन

अभी प्रेमनगर आश्रम की दीवार ढहाने के प्रकरण का पटाक्षेप भी नहीं हुआ था कि शनिवार को एक बार फिर भाजपाइयों की शर्मनाक हरकत सामने आ आई। गुरुकुल में हार का स्वाद चख चुकी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने सीधे विधायक स्वामी यतीश्वरानंद के खिलाफ आस्तीनें चढ़ा ली थीं और बेखौफ छात्र नेता सीधे विधायक के आश्रम पर ही पहुंच गए थे। वे विधायक से भिड़ने के इरादे से ही आए थे ये साफ था। पर, विधायक से आमना- सामना होने पर भाजपा का अनुशासन तार- तार हो गया। विधायक और एबीवीपी खेमा अब एक- दूसरे के खिलाफ जहर उगल रहे हैं। भाजपाइयों में हो रही भिड़ंत का मजा कांग्रेसी दूर बैठे ले रहे है। कांग्रेस में पहले प्रेमनगर आश्रम प्रकरण को लेकर चटखारे लिए जा रहे थे अब शनिवार को कांग्रेस को एक नया मुद्दा मिल गया। दिन भर कांग्रेसियों की जुबां पर विधायक और छात्रों का प्रकरण ही छाया रहा। इधर, किटी प्रकरण को लेकर भी भाजपा की काफी छीछालेदारी पहले से ही हो रही है। भाजपा महिला नेताओं को लेकर भाजपा में घमासान मचा हुआ है। किटी ग्रुप संचालक महिला भाजपा नेताओं के पैरोकारों की लिस्ट भाजपा हाईकमान को पहले ही सौंप दी गई है।उधर मेयर और सतपाल महाराज समर्थकों के मामले की जांच करने के लिए हरिद्वार में मौजूद भाजपा की अनुशासन समिति के सदस्य प्रकाश हरबोला ने पार्टी में हर रोज सामने आ रहे नए विवाद को लेकर कहा कि ऐसा लगता है भाजपा में बहुत से जो लोग बाहर से आए हैं अभी वे पार्टी की रीति-नीति को सही तरीके से समझ नहीं सके हैं, कुछ समय लगेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें