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आईएसबीटी को लेकर दो हिस्सों में बंटे

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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
सराय स्थित ट्रांसपोर्ट नगर में प्रस्तावित आईएसबीटी को लेकर पूरा शहर दो हिस्सों में बंट गया है। ज्वालापुर और आसपास के लोग आईएसबीटी को सराय में बनाने के पक्ष में हैं तो हरिद्वार क्षेत्र के व्यापारी इसका विरोध कर रहे हैं। दोनों पक्षों के अपने हिसाब से इसके फायदे और नुकसान गिना रहे हैं।
हरिद्वार में वर्तमान में रोडवेज बस स्टैंड मायापुर स्थित नगर निगम की भूमि से संचालित हो रहा है। चारों तरफ बाजार और आबादी क्षेत्र से घिरा होने से यहां बसों की आवाजाही परेशानी का कारण बन रही है। हर रोज जाम लगा रहता है। ऐसे में वर्षों से बस स्टैंड को शहर से बाहर स्थानांतरित करने की मांग और प्रयास चल रहे हैं। बस स्टैंड को आईएसबीटी में उच्चीकृत कर ऋषिकुल मैदान, दक्ष मंदिर के सामने दक्षद्वीप और बैरागी कैंप में बनाने की चर्चा भी तैरती रहती है। हालांकि अब हरिद्वार-रुउ़की विकास प्राधिकरण के प्रस्ताव पर आईएसबीटी को सराय स्थित ट्रांसपोर्ट नगर में बनाने की कवायद चल रही है। अधिकारियों ने इसके लिए सर्वे भी शुरू कर दिया है।
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आईएसबीटी बनाने की कवायद के बीच इस मु़द्दे पर शहर दो हिस्सों में बंट गया है। ज्वालापुर के व्यापारी ट्रांसपोर्ट नगर में आईएसबीटी बनाने के पक्ष में दिख रहे हैं। व्यापार मंडल के अध्यक्ष राकेश मल्होत्रा, नवदुर्गा व्यापार मंडल के अध्यक्ष रवि धींगड़ा, प्रवीण कुमार, विपिन गुप्ता, आशीष मेहता आदि का कहना है कि ज्वालापुर के समीप आईएसबीटी बनने से शहर में रोजगार बढ़ेगा। इससे ज्वालापुर और आसपास का बाजार गुलजार होने के साथ ही लक्सर रोड बहादराबाद और समीपवर्ती गांवों को यातायात सुविधा मिल सकेगी। ज्वालापुर के व्यापारी नेताओं ने सीएम और नगर विकास मंत्री से आईएसबीटी सराय में ही बनाने की मांग की है। जबकि दूसरी तरफ हरिद्वार के व्यापारी आईएसबीटी को हरिद्वार के समीप बनाने की मांग कर रहे हैं। धर्मशाला सुरक्षा समिति के अध्यक्ष महेश गौड ने कहा कि रोडवेज बस स्टैंड के पास ही बहुमंजिला आईएसबीटी बनना चाहिए, जबकि शिफ्टिंग करना जरूरी होने पर ऋषिकुल मैदान इसका उचित विकल्प है। इससे हरिद्वार आने वाले तीर्थयात्रियों को भी सुविधा मिल सकेगी।
शहर व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजीव नैयर ने भी ऋषिकुल मैदान में आईएसबीटी बनाने की वकालत की है। कहा कि वर्ष 1988 में तत्कालीन पर्यटन मंत्री लालजी टंडन की अध्यक्षता में भी ऋषिकुल का ही प्रस्ताव भेजा गया था। सराय में आईएसबीटी कुछ लोगों के निजी हित साधने के लिए बनाने की कवायद की जा रही है। वहीं कांग्रेस की ओर से इसके विरोध में दो दिन पहले ही मार्च निकाला जा चुका है। हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण के सचिव वंशीघर तिवारी ने बताया कि सराय के पास आईएसबीटी बनाने के लिए सर्वे शुरू कर दिया गया है।
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सराय के पास जमीनों के दामों में उछाल
आईएसबीटी बनाए जाने की चर्चा के बीच सराय और उसके आसपास के क्षेत्रों में जमीनों के दामों में उछाल आने लगा है। नोटबंदी के बाद से पूरे क्षेत्र में जमीनों का कारोबार मंदा पड़ा था लेकिन आईएसबीटी बनाने की चर्चा से सराय के निकट जमीनों की कीमतों में उछाल आने लगा है। भूमि कारोबारियों के दफ्तरों पर भी रौनक आने लगी है।
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