अमर उजाला ब्यूरो
श्यामपुर।
खनन बंद करने के लिए तय किए गए मानक अब प्रशासन के लिए भी परेशानी का सबब बन गए हैं। जिन मानकों को खनन पर रोक लगाने के लिए लागू किया गया था वे जनहित के काम में भी बाधा बन रहे हैं। खनन पर रोक लगाने के लिए प्रशासन की ओर से गंगा में जेसीबी के प्रयोग पर रोक लगा दी गई है, लेकिन कांगड़ी गांव में सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने जब तटबंध बनाने और गंगा की धारा गांव की तरफ जाने से रोकने के लिए जेसीबी से काम शुरू कराया तो पुलिस ने जिला प्रशासन के अफसरों के आदेशों का हवाला देकर काम बंद करा दिया।
कांगड़ी गांव के आसपास गंगा का पानी तेजी से कटाव कर रहा है। चार दिन पहले ग्रामीणों के बुलावे पर विधायक स्वामी यतीश्वरानंद ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया था और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को कटाव रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई को कहा था।
सिंचाई विभाग ने कांगड़ी गांव को कटाव से बचाने के लिए बरसाती सिद्धस्रोत नदी की धारा दूसरी और मोड़ने के लिए सोमवार शाम काम शुरू कराया तो पुलिसकर्मी मौके पर आ गए और जेसीबअी का प्रयोग नदी में नहीं करने देने की बात कहते हुए खनन बंद करा दिया। पुलिस कर्मियों का कहना था कि इसके लिए उन्हें एसडीएम से आदेश कराने होंगे।
सिंचाई विभाग के जेई अमित कुमार का कहना है कि चंडीघाट चौकी इंचार्ज सत्येंद्र भंडारी ने नाला खोदने का काम बंद कराया है। जबकि चौकी इंचार्ज सतेंद्र भंडारी का कहना है कि जेई के पास के एसडीएम की अनुमति नहीं होने से खुदाई के लिए मना किया गया है। सिचाई विभाग के एसडीओ एके मिश्रा कहना है कि गांव को खतरा देखते हुए विधायक यतीश्वरानंद के आदेश पर बरसाती सिद्ध स्रोत नदी में काम शुरू किया गया था। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से इस अवरोध को दूर कर तेजी से काम कराने की मांग की है।