अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि बदलते परिवेश में हिमालय और गंगा के संरक्षण के लिए प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है। इस बारे में व्यापक स्तर पर लोगों को जागरूक करने और इस दिशा में मिलजुल कर काम करने की आवश्यकता है।
रविवार को हरिद्वार प्रेस क्लब के सभागार में भारत जागृति मिशन की ओर से आयोजित गोष्ठी में उन्होंने कहा कि गंगा और हिमालय के संरक्षण आदैर संवर्द्धन को लेकर गंगा हिमालय बचाओ विशेष तौर पर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के पर्यावरण को संतुलित रखने के लिए मिल जुलकर प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में पॉलिथीन पूर्ण रूप से तत्काल बंद होनी चाहिए। गंगा के संवर्द्धन के लिए सजग रूप से कार्य करना होगा। गंगा के प्रदूषण को रोकने के लिए गंगा हिमालय बचाओ के पदाधिकारी पूरे प्रदेश में जनजागरूकता अभियान चलाएंगे। गंगा हमारी आस्था की पहचान है। गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए सबकी सहभागिता जरूरी है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जोत सिंह बिष्ट ने कहा कि गंगा और हिमाचल को बचाना जरूरी है।
पूर्व विधायक अंबरीष कुमार ने कहा कि बदलते जीवन शैली से हिमालय और गंगा को बड़ा नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
पहाड़ों में रास्ते और सुरंग बनाने के लिए डायनामाइट से विस्फोट कर नुकसान पहुंचाया जा रहा। इससे जल स्रोत भी समाप्त होते जा रहे हैं। गंगा के किनाने बने धार्मिक स्थलों में शौचालय बने हुए है। जिनकी गंदगी गंगा में बहाई जा रही है। कहा कि क्लाइमेट समझौता आदि हो रहे हैं, लेकिन कोई अमल नहीं है। हिमालय क्षेत्रों में विस्थापन की समस्या को हल करना होगा। वरिष्ठ नेता अंशुल श्रीकुंज ने कहा कि राज्य सरकार को रणनीति बनाकर गंगा हिमालय बचाओ के लिए प्रयास करने चाहिए। सरकार हिमालय के संरक्षण को लेकर कोई उपाय नहीं कर रही है। कहा कि मात्र राजनीतिक लाभ के लिए गंगा सफाई अभियान चलाए जा रहे हैं। गंगा को लेकर किसी भी प्रकार की राजनीति नहीं होनी चाहिए। मां गंगा हमारी आस्था की पहचान है। गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए ठोस उपाय करने चाहिए। केंद्र सरकार लगातार बड़े बजट की बड़ी घोषणाएं तो करती है लेकिन धरातल पर कार्य नहीं हो पाते हैं। गंगा के प्रदूषण मुक्ति के प्रयास कोरे साबित हो रही है। गंगा हिमालय बचाओ अभियान के तहत पूरे प्रदेश में लोगों को जागरूक किया जाएगा। प्रो. पीएस चौहान, अशोक उपाध्याय, मनोज जैन, प्रभाष मिश्रा, ओपी चौहान आदि ने विचार रखते हुए कहा कि गंगा हिमालय का संरक्षण प्रदेश हित में है। सरकारों को इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है।