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अस्पताल न बनने पर चलांगे नगर निगम के खिलाफ आंदोलन

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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
उत्तरी हरिद्वार में अस्पताल बनाने की मांग को लेकर आंदोलन तेज हो गया है। रविवार को लोगों ने मिलकर पावन धाम के पास सांकेतिक धरना दिया। बाद में हस्ताक्षर अभियान चलाया। इस मौके पर निर्णय लिया कि निकाय चुनाव से पहले अस्पताल का निर्माण शुरू नहीं होने पर नगर निगम के खिलाफ बड़ा आंदोलन चलाया जाएगा।
उत्तरी हरिद्वार में कई साल पहले नगर निगम की जमीन पर अस्पताल बनाने की घोषणा की गई थी। बावजूद इसके अब तक अस्पताल निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। इससे नाराज लोगों ने आंदोलन छेड़ दिया। रविवार सुबह दस बजे लोग पावन धाम चौक पहुंचे और सांकेतिक धरने पर बैठ गए। बाद में आसपास के इलाकों में जाकर अस्पताल बनाने की मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान चलाया। नितिन यादव और मनोज निषाद ने कहा कि लाखों की आबादी होने के बाद भी उत्तरी हरिद्वार में अस्पताल नहीं है। आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधियों की लापरवाही से चिह्नित भूमि पर अस्पताल निर्माण शुरू नहीं हुआ है। यागिक वर्मा और संदीप भट्ट ने कहा कि अस्पताल निर्माण के बजाय केवल आश्वासन ही दिए जा रहे हैं।
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एसएमजेएन कालेज की नवनिर्वाचित छात्रसंघ महासचिव सोनिया शर्मा ने कहा कि मेला पर्वों पर जाम की वजह से अस्पताल जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अस्पताल के निर्माण को लेकर व्यापार मंडल और कई अन्य संगठनों ने समर्थन दिया। इस मौके पर भास्कर मिश्रा, शिव कुमार, राम अवतार, उमा गुजराल, वंदना गुप्ता, आशीष जैन, सुभाष कपिल, अनुज गुप्ता, सुरेंद्र गिरी, शिव कुमार कश्यप, सतीश, कैलाश भट्ट, मुकेश पुरी, पूरन पांडे, तरूण सैनी, विष्णु उपाध्याय, रोहित नेगी, दीप शर्मा, विपिन शर्मा, मोहित पांडे आदि शामिल रहे।
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अस्पताल के मुद्दे पर राजनीति शुरू
हरिद्वार। अस्पताल की मांग को लेकर राजनीति शुरू हो गई। सोशल साइट पर दो संगठनों की आपस में बहस छिड़ गई है। कई राजनीतिक पार्टियों के लोग समर्थन में आ रहे हैं, तो कई दूरियां बना रहे हैं। हर कोई श्रेय पाने के लिए लाइन में लग गए हैं। रविवार को होने वाले क्षेत्रवासियों के आंदोलन की जानकारी कई संगठनों को पहले ही हो गई। जिसके बाद तत्काल आनन- फानन में एक संगठन ने अस्पताल के मुद्दे पर आंदोलन शुरू कर दिया। दोनों संगठनों ने एक- दूसरे को कार्यक्रम में नहीं बुलाया। जबकि सभी संगठन एक साथ होकर लड़ने की बात बोलते रहते हैं।
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