गोपेश्वर। चमोली जिले में बीते दो दिन तक लगातार हुई बारिश से एक दर्जन से अधिक ग्रामीण सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं। इससे क्षेत्रों में रसोई गैस और खाद्य सामग्री की किल्लत शुरू हो गई है। सड़कों के अवरुद्ध होने से ग्रामीणों को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिये मीलों की दूरी नापनी पड़ रही है। कई स्थानों पर ग्रामीण जान-जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं। जिले में घाट-सुतोल, उमट्ट-मौंणा, देवाल-बेराधार, मींग-करछुना, चिगिंडा-खम्पाधार, लासी-सरतोली, चमोली-खैनुरी, चमोली-पलेठी, थराली-जुनीधार, बाटाधार-धुनारघाट, गोपेश्वर-पोखरी और घाट सितेल मोटर मार्ग बंद पड़े हैं, जबकि जिले में कई सड़कें मलबा आने और जल भराव के चलते खतरनाक बनी हुई हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की ओर प्रतिवर्ष बरसात से पूर्व सड़कों को सुचारु रखने के दावे किए जाते हैं, लेकिन सड़क किनारे नालियों और दीवारों का निर्माण कार्य नहीं करवाया जाता। सड़कों पर ड्रेनेज की सुचारु व्यवस्था न होने से सड़कें बार-बार बाधित हो रही हैं।
इधर, आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोरी जोशी का कहना है जिले में बंद पड़ी सड़कों को सुचारु करने के लिये लोनिवि, एडीबी और अन्य विभागों द्वारा कार्य शुरू कर दिया गया है। शीघ्र सभी सड़कों पर यातायात सुचारु कर दिया जाएगा।