अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
अपनी जिद के चलते कई साल से कमरे में खुद को कैद कर देने वाले नाबालिग भाई- बहन की काउंसिलिंग शुरू कर दी गई है। देहरादून से शुक्रवार को आए मनोचिकित्सक मुकुल शर्मा ने दो घंटे तक भाई- बहन के साथ रहकर उनकी काउंसिलिंग करने के साथ- साथ उनका व्यवहार भी जांचा परखा। मनोचिकित्सक ने काफी दिन तक नाबालिगों के काउंसिलिंग जरूरी बताई है।
पुराना रानीपुर मोड़ के पास रहने वाले नाबालिग भाई- बहन को भाजपाइयों के सक्रिय होने पर बंद कमरे से निकाला गया था। महिला हेल्प लाइन की टीम ने पहुंचकर भाई- बहन के कैद होने की जानकारी जुटाई थी, तब सामने आया था कि उन्होंने खुद को ही कैद किया हुआ था। वे कमरे से बाहर नहीं आना चाहते थे। इसकी वजह माता- पिता का पढ़ाई लिखाई के लिए दबाव बनाना था जो उन्हें मंजूर नहीं था। हालांकि, माता- पिता के गैरजिम्मेदाराना रवैये को लेकर भी पुलिस ने बेहद आपत्ति जताई थी।
एसपी सिटी ममता वोहरा ने खुद भाई- बहन से कई घंटों तक बातचीत कर उन्हें प्रोत्साहित करने का प्रयास किया था। एसपी सिटी ने ही देहरादून के मनोचिकित्सक मुकुल शर्मा से संपर्क साधकर भाई- बहन की काउंसिलिंग कराने की बात कही थी। शुक्रवार को पहुंचे काउंसलर मुकुल शर्मा ने बच्चों से मुलाकात कर उन्हें जीवन का ज्ञान समझाया।