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उतराखंड को मिलेंगे 127 मिलियन यूरो

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स्वच्छता को जर्मन सरकार देगी 96.31 करोड़
-- सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और गंगा स्वच्छता को लेकर तीर्थनगरी पहुंचे जर्मन राजदूत
-- जर्मन राजदूत ने की सीएसटीएफ के साथ बैठक, योजना के साथ चलेगा अभियान


अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश।
उत्तराखंड के नगरीय इलाकों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और गंगा स्वच्छता के लिए जर्मन सरकार 126 मिलियन यूरो (96 करोड़, 31 लाख व 44 हजार भारतीय मुद्रा) की सहायता देगी। इसके अलावा सपोर्ट टू द नेशनल अर्बन सेनिटेशन पॉलिसी (एसएनयूएसपी) में तकनीकी सहयोग के लिए भी सरकार को आर्थिक सहयोग दिया जाएगा। बृहस्पतिवार को जर्मन राजदूत डा. मार्टिन ने नगर पालिका ऋषिकेश में जर्मन कंपनी जीआईजेड के सहयोग से बनी सिटी सेनिटेशन टास्क फोर्स (सीएसटीएफ) के साथ बैठक की, जिसमें डा. मार्टिन ने बताया कि उत्तराखंड के शहरों में कूड़ा प्रबंधन और गंगा स्वच्छता के लिए जर्मन सरकार 121.5 मिलियन यूरो की आर्थिक सहायता सरकार को देने जा रही है। इसके अलावा एसएनयूएसपी में तकनीकी मदद के लिए भी 4.5 मिलियन यूरो की सहायता दी जाएगी। डा. मार्टिन के अनुसार जर्मनी में राइन नदी की सफाई में 50 साल का लंबा वक्त लगा था। ऐसे में गंगा की सफाई भी चंद समय में नहीं हो सकती है। इसके लिए परफेक्ट प्लानिंग और पर्याप्त समय की जरूरत है। शहरी इलाकों की स्वच्छता के लिए उन्होंने टॉयलेट और सीवरेज के बेहतर इंतजाम पर जोर दिया। इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष दीप शर्मा ने राजदूत डा. मार्टिन ने को केदारनाथ का स्मृति चिन्ह भेंट किया।
इस अवसर पर राजदूत सीएसटीएफ के प्रेजेंटेशन से रूबरू हुए। टीम में राजदूत की पत्नी डा. गेब्रियल ने, बेबलेयर, जीआईजेड टीम के सदस्य डॉयरेक्टर एसएनयूएसपी डार्क वॉल्टर, कलस्टर कोआर्डिनेटर तेनजा फेल्डमैन, मार्टिना बु्रकार्ड, वैशाली नंदन, साक्षी सीदास गुप्ता, सोमा विश्वास, मेराजूद्दीन अहमद शामिल थे। अर्बन डेवलपमेंट विभाग के एडिशनल डायरेक्टर उदय सिंह राणा, अधिशासी अधिकारी महेंद्र सिंह यादव, उत्तम सिंह नेगी, सोशियल स्पेशलिस्ट हेमलता खंडूड़ी, टीम सहायक संदीप उनियाल के अलावा पालिका के सभासद मौजूद रहे।
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शहरों की स्वच्छता पर फोकस: वॉल्टर
जीआईजेड के एसएनयूएसपी डॉयरेक्टर डार्क वॉल्टर ने बताया कि कंपनी का पूरा फोकस अर्बन एरिया को स्वच्छ करना है। इसके लिए नगर पालिकाओं के माध्यम से सिटी सेनिटेशन टास्क फोर्स बनाकर बुनियादी व्यवस्थाओं के लिए डाटा कलेक्ट कराया जा रहा है। इसके बाद विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर उस पर कार्य शुरू किया जाएगा।
क्या है सिटी सेनेटेशन योजना
केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत एसएनयूएसपी कार्यक्रम के तहत सिटी सिनेटेशन प्लान तैयार किया गया है। सिटी सिनेटेशन पॉलिसी सीएसपी तैयार करने के लिए दिसंबर 2017 तक का वक्त निर्धारित है। उत्तराखंड के कुल 24 नगर निकायों को इस योजना में शामिल किया गया है। जिसमें गंगा के आसपास की 16 नगर निकायें भी शामिल हैं। 24 शहरों के लिए 14 कलस्टर बनाए गए हैं। इनमें ऋषिकेश, मुनिकीरेती और स्वर्गाश्रम को भी शामिल किया गया है। कंपनी ने तीन चरणों में स्पेशल ट्रेनिंग मॉड्यूल तैयार किया है। ट्रेनिंग में दून यूनिवर्सिटी का सहयोग लिया जा रहा है। सिटी सिनेटेशन टास्क फोर्स सीएसटीएफ से फीडबैक लेकर सीएसपी तैयार किया जा रहा है। नगर निकायों के सीएसपी ड्राफ्ट पर अक्टूबर में एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा। इसके बाद स्वच्छता के लिए काम शुरू होगा।
राजदूत ने पौधरोपण कर दिया पर्यावरण का संदेश
ऋषिकेश।
तीर्थनगरी पहुंचे जर्मन राजदूत डा. मार्टिन ने मुनिकीरेती स्थित श्रीपूर्णानंद इंटर कॉलेज में पौधरोपण किया। इस दौरान उन्होंने बालिकाओं से परिवार व देश की तरक्की के लिए हर कदम पर बढ़ चढ़कर प्रतिभाग करने का आह्वान भी किया। बृहस्पतिवार को तीर्थनगरी पहुंचे भारत में जर्मन के राजदूत डा. मार्टिन व उनकी पत्नी डा. गैब्रिला ने मुनिकीरेती स्थित श्रीपूर्णानंद इंटर कॉलेज में वन विभाग टीम के साथ मिलकर पौधरोपण किया। कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को पर्यावरण संरक्षण में अपनी भागीदारी निभानी चाहिए। इस दौरान छात्रों द्वारा गंगा स्वच्छता के तहत बनाई गई आर्ट की प्रदर्शनी लगाई गई। एंबेसडर डा. मार्टिन ने प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और आर्ट तैयार करने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, नमामि गंगे के कार्यक्रम निदेशक डा. राघव लंगर, विद्यालय के प्रधानाचार्य संदीप मोहन, डा. विवेकानंद, सरिता नेगी, दीपा सिंह, उत्तम नेगी, हेमलता खंडूड़ी, अनिरूद्घ कुमार, अंजना पंत, संदीप उनियाल आदि मौजूद थे।
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जर्मन राजदूत ने उतारी मां गंगा की आरती
नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत गंगा स्वच्छता के अंतर्गत तीर्थनगरी पहुंचे भारत में जर्मन राजदूत डा. मार्टिन ने गंगा आरती में शामिल हुए। उन्होंने गंगा को मोक्षदायिनी और पापों को हरने वाली मां बताया। बृहस्पतिवार को ऋषिकेश पहुंचे भारत में जर्मन के राजदूत डा. मार्टिन ने व उनकी पत्नी डा. गैब्रिला ने विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल के साथ गंगा सभा द्वारा आयोजित गंगा आरती में शिरकत की। नमामि गंगे कार्यक्रम निदेशक डा. राघव लंगर की ओर से डा. मार्टिन ने को गंगाजलि व रुद्राक्ष माला भेंट की गई। इस अवसर पर नमामि गंगे उत्तराखंड एसपीएमजी द्वारा हस्ताक्षर अभियान चलाया गया, जिसमें जर्मन एंबेसडर व विधानसभा अध्यक्ष ने हस्ताक्षर किए और गंगा स्वच्छता की शपथ ली। इस दौरान डा. मार्टिन ने, विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, एसपीएमजी निदेशक डा. राघव लंगर, डा. गैब्रिला, संदीप उनियाल आदि मौजूद थे।
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