गोपेश्वर। मैठाणा में बदरीनाथ हाईवे करीब 30 मीटर तक धंस गया है, जिससे यहां आवाजाही खतरनाक बनी है। इसके साथ ही यहां चल रहा भूस्खलन का ट्रीटमेंट कार्य भी प्रभावित हो गया है।
मैठाणा में वर्ष 2013 की आपदा के बाद से लगातार भूस्खलन हो रहा है। वर्ष 2016 में राज्य सरकार ने भूस्खलन क्षेत्र के ट्रीटमेंट का कार्य बीआरओ से हटाकर लोनिवि (एनएच) को दे दिया था। मई माह में एनएच की ओर से भूस्खलन का ट्रीटमेंट कार्य बील्डवेल कंपनी को दिया गया। कंपनी के इंजीनियरों की ओर से भूस्खलन क्षेत्र में वायो इंजीनियरिंग सिस्टम के तहत हिल साइड करीब दो मीटर तक क्रेटवाल (जाली वाली दीवार) लगाई जा रही है। साथ ही भूस्खलन से कमजोर पहाड़ी पर हाइड्रो सीडिंग सिस्टम के जरिए हरी घास और पौधों के बीजों का रोपण किया जा रहा है, लेकिन क्षेत्र में हो रही बारिश से हाईवे करीब तीस मीटर तक धंस गया है। बील्डवेल कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर शुभंकर पॉल का कहना है कि बारिश थमने के बाद यहां अलकनंदा साइड से सुधारीकरण कार्य किया जाएगा। भू-धंसाव रोकने के लिए हिल साइड क्रेटवाल लगाई जा रही ह। मैठाणा में हाईवे को सुरक्षित बना दिया जाएगा।