देवाल। ल्वाणी-पिलखड़ा मंदिर में चल रहे दो दिवसीय राजराजेश्वरी संस्कृति संरक्षण मेले के अंतिम दिन गायिका हेमा करासी नेगी तथा पौड़ी की शैलजा संस्था की प्रस्तुति ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। शुक्रवार सुबह नंदा लोक जात यात्रा फल्दिया गांव से यहां पहुंची तो मेले का समापन हुआ।
ल्वाणी में बृहस्पतिवार शाम को हुई सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व विधायक डा. जीतराम तथा विशिष्ट अतिथि ब्लाक प्रमुख उर्मिला बिष्ट ने किया। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के आयोजन से यहां का विकास और संस्कृति का प्रचार हुआ है। मेलाध्यक्ष महावीर बिष्ट ने कहा कि इस मेले को 12 साल से लोग निजी संसाधनों से करते आ रहे हैं। समारोह में हेमा करासी के गिर गेंदुवा..., खेल ना रे... पर दर्शक खूब थिरके, जबकि पौड़ी की शैलजा संस्था की ओर से प्रस्तुत लोकगीत श्याली बम्पाली..., नंदा तेरी जात कैलाश लीजौला... पर दर्शक खूब झूमे। वहीं गुंजन कुनियाल के भजन एक राधा एक मीरा... ने भी खूब तालियां बटोरी। ममंद चौड़, ल्वाणी, राइंका ल्वाणी की ओर से भी लोकगीत लोकनृत्य की प्रस्तुति दी गई। शुक्रवार सुबह फल्दिया गांव से नंदा लोकजात की यात्रा यहां पहुंची तब मेले का समापन किया गया। इस अवसर पर प्रीतम सिंह रावत, इंद्र सिंह राणा, कंचन बिष्ट, पुष्पा नेगी, वृक्ष मित्र त्रिलोक सोनी, राजकुमार, हीरा राम, मान सिंह, महिपाल सिंह, प्रताप राम, केडी मिश्रा, देवी जोशी आदि मौजूद थे।