अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
नाबालिगों के ड्राइविंग और निजी वाहनों को स्कूल वाहन के रूप में चलाने पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। अभियान के दूसरे दिन परिवहन विभाग और यातायात पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर 41 वाहनों का चालान किया है। इसमें 10 वाहन सीज किए गए हैं।
जिलाधिकारी दीपक रावत ने जिले में नाबालिग स्कूली छात्रों के दोपहिया और चौपहिया वाहन चलाने को गंभीरता से लेते हुए उनके खिलाफ अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही निजी वैन और ऑटो में स्कूली बच्चों को लाने पर भी जिलाधिकारी ने नाराजगी भी जताई थी। बुधवार को शुरू हुए अभियान के पहले दिन ज्वालापुर सैंट मेरी स्कूल के बाहर 10 दोपहिया वाहनों का चालान किया गया। दूसरे दिन बृहस्पतिवार को अभियान जगजीतपुर में चलाया। इस मार्ग पर महर्षि, डीएवी, शिवडेल और गुरुराम राय के अलावा कई अन्य नामी स्कूल हैं। बृहस्पतिवार को परिवहन विभाग के एआरटीओ पवर्तन सुरेंद्र कुमार और सीओ यातायात मनोज कत्याल के नेतृत्व में चले अभियान में 41 वाहनों का चालान किया गया। जिसमें से चार ऑटो रिक्शा और मारुति वैन के अलावा 10 वाहन सीज किए गए। साथ ही स्कूटी, बाइक पर स्कूल आ रहे नाबालिग बच्चों का चालान किया गया है। एआरटीओ प्रवर्तन सुरेंद्र कुमार ने बताया कि लोगों को इस बारे में जागरूक किया जा रहा है कि अपने नाबालिग बच्चों को वाहन न चलाने दें। इससे दुर्घटना ज्यादा होने का खतरा बना रहता है। कहा कि अभियान शुक्रवार को भी जारी रहेगा। ऐसे वाहन चालक के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी जो निजी वाहन से स्कूली बच्चों को लाते हैं।
बच्चों को रास्तों में उतारा
हरिद्वार। परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस के चेकिंग अभियान की जानकारी लगते ही ऑटो रिक्शा वालों में हड़कंप मच गया है। जानकारी लगते ही ऑटो रिक्शा वाले बच्चों को स्कूलों से पीछे ही उतारकर गाड़ी मोड़कर लौट गए। इस तरह पहली बार चले अभियान से ऑटो रिक्शा वालों के अलावा निजी वाहनों पर बच्चों को स्कूल ले जाने और लाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।