श्रीनगर। स्थायी कैंपस की मांग के लिए आंदोलित एनआईटी उत्तराखंड के छात्रों से वार्ता करने आए मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अवर सचिव के राजन सुमाड़ी में स्थायी कैंपस निर्माण मामले में बयान देने से बचते रहे। नका कहना था कि सुमाड़ी की भूमि को निर्माण के लिए अनुपयुक्त पाया गया है, लेकिन वहां निर्माण होगा या नहीं, इस बारे में वह नहीं बोल सकते हैं। हालांकि उन्होंने यह साफ किया है कि एनआईटी उत्तराखंड में ही रहेगी। राज्य सरकार जितनी जल्दी जमीन उपलब्ध कराएगी, उतनी जल्दी निर्माण शुरू होगा।
एनआईटी उत्तराखंड के छात्र-छात्राएं स्थायी कैंपस, कैंपस को मैदानी क्षेत्र में शिफ्ट करने और सुविधाओं की मांग के लिए 20 अगस्त से हड़ताल पर हैं। छात्रों की इस बीच एनआईटी निदेशक डा. सतीश कुमार और प्रशासन से वार्ता विफल हो चुकी है। बृहस्पतिवार को छात्रों से वार्ता करने अवर सचिव के राजन श्रीनगर पहुंचे। छात्रों से पूर्व उन्होंने पत्रकारों से वार्ता करते हुए बताया कि मंत्रालय को छात्रों के आंदोलन की सूचना मिली थी। इसलिए स्थिति का जायजा लेने और छात्रों से वार्ता करने यहां भेजा गया। कहा कि वह हड़ताल खत्म करने का पूरा प्रयास करेंगे। छात्रों की ओर से की जा रही कैंपस शिफ्टिंग की मांग पर उन्होंने कहा कि कैंपस शिफ्ट नहीं हो रहा है। राज्य सरकार को सुमाड़ी का अल्टरनेट देखने के लिए कहा गया है। जब तक भूमि नहीं मिलेगी, तब तक स्थायी कैंपस नहीं बन पाएगा। इस मौके पर एसडीएम मायादत्त जोशी और कुलसचिव कर्नल सुखपाल सिंह मौजूद थे।
छात्र पांचवें दिन भी बैठे रहे धरने पर
श्रीनगर। स्थायी कैंपस, कैंपस को मैदानी क्षेत्र में शिफ्ट करने सहित अन्य मांगों के लिए एनआईटी उत्तराखंड के छात्र-छात्राओं की हड़ताल पांचवें दिन जारी रही। वहीं, एनआईटी प्रशासन ने हड़ताल के बाद कक्षाओं में एसी लगाने शुरू कर दिए हैं, लेकिन छात्र इससे संतुष्ट नहीं है। उनका कहना है कि छात्रावास में बहुत दिक्कतें हैं। एक कमरे में छह छात्रों को रहना पड़ता है। 1000 से ऊपर छात्रों के लिए सिर्फ दो मैस हैं। ऐसी स्थिति में उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। छात्र धूप में चद्दर फैलाकर प्रशासनिक भवन के समक्ष धरने पर बैठे रहे।
छात्रों के साथ अवर सचिव की वार्ता जारी
श्रीनगर। बृहस्पतिवार देर शाम तक एमएचआरडी के अवर सचिव के राजन एसडीएम मायादत्त जोशी की छात्रों के शिष्टमंडल के साथ वार्ता हो रही थी। बंद कमरे में चल रही बैठक में एनआईटी के अधिकारियों को मौजूद रहने दिया गया। बताया जा रहा है कि वार्ता में छात्र अपना पक्ष रखेंगे। वही केंद्र सरकार के अधिकारी उनको एनआईटी की अपडेट स्थिति से अवगत कराएंगे।