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एम्स में नियुक्ति के लिए सिफारिशी चिट्ठियों की बाढ़

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नियुक्तियों से पहले विधायक-सांसदों की सिफारिशें
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-- निदेशक को चार महीने में पहुंचे 250 से अधिक सिफारिशी आवेदन
-- एम्स में चिकित्सक, फैक्लटी व स्टाफ की होनी है नियुक्ति

हेमवती नंदन भट्ट
ऋषिकेश।
करीब नौ साल से निर्माणाधीन एम्स की ऋषिकेश शाखा में अभी प्रथम चरण का कार्य भी पूरा नहीं हो पाया है, और नियुक्तियों के लिए आवेदन मांगने अभी बाकी हैं। लेकिन विश्व स्तरीय सुविधाओं वाले संस्थान में विभिन्न पदों पर नियुक्तियों के लिए सिफारिशी चिट्ठियों की बाढ़ आने लगी है। अपने चहेतों को संस्थान में नौकरी दिलाने के लिए निदेशक एम्स को सिफारिशी चिट्ठियां भेजने वालों में राज्य सरकार से लेकर केंद्र सरकार तक विधायक, मंत्रियों, सांसदों में कोई पीछे नहीं है। वर्तमान निदेशक को अभी यहां ज्वाइन किए हुए महज चार महीने ही हुए हैं, उन्हें अब तक ढाई सौ सिफारिशी पत्र मिल चुके हैं।
2007 में शुरू हुए एम्स ऋषिकेश का निर्माण अत्यधिक धीमी गति से चल रहा है। इसके लिए भूमि व अन्य संसाधन समेत कई कारण शामिल हैं। जिसके कारण एम्स का निर्माण कार्य प्रथम चरण में ही अटका पड़ा है। एम्स में कई तरह के गंभीर रोगों के केयर सेंटरों की श्रंखला के अलावा विशेषज्ञ चिकित्सक, फैकल्टी आदि स्टाफ की नियुक्तियां होनी अभी बाकी हैं। एम्स प्रशासन को विभिन्न पदों पर चहेतों की नियुक्तियों के लिए पिछले चार महीने में राज्य सरकार से लेकर केंद्र तक से विधायक, एमपी और मंत्रियों के करीब 250 से अधिक सिफारिशी चिट्ठियां और कई आवेदनपत्र मिल चुके हैं। एम्स के वर्तमान निदेशक प्रोफेसर डा. रविकांत ने संस्थान में बीते 15 अप्रैल को ज्वाइनिंग ली थी। सिफारिशी चिट्ठियों का यह आंकड़ा उनके महज चार महीने के कार्यकाल का है।
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चिकित्सा से नहीं होगा समझौता
एम्स के निदेशक प्रो. डा. रविकांत का कहना है कि एम्स परियोजना का उद्देश्य चिकित्सकीय शोध और मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराना है। लिहाजा नियुक्ति प्रक्रिया से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। पात्रता पूरी करने वाले लोगों को ही संस्थान की सेवा में लिया जाएगा, इसमें कोई सिफारिश नहीं मानी जाएगी। बताया कि एम्स में नियमानुसार व निर्धारित मानकों, पात्रता रखने वाले लोगों को ही नियुक्तियां दी जाएंगी। किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति के चहेते को एडजस्ट करने के लिए काबलियत की अनदेखी नहीं होगी। पदों के लिए नियुक्ति के आधार को पूरा नहीं करने वाले को एम्स में कितनी भी बड़ी सिफारिश पर भी नहीं रखा जाएगा। लोगों को बेहतर चिकित्सा सेवा देने के लिए पात्र लोगों को ही प्रमुखता व प्राथमिकता दी जाएगी, इस कार्य में क्वालिटी की अनदेखी नहीं होगी।
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