गोपेश्वर। जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य सेवाएं पटरी से उतर गई हैं। बीते जून में स्वास्थ्य निदेशालय से चार चिकित्सकों की तैनाती की गई थी, लेकिन चिकित्सालय में ज्वाइनिंग देने के बाद से ही तीन चिकित्सक अवकाश पर चल रहे हैं। जबकि दो माह तक चिकित्सालय में सेवाएं देने के बाद सर्जन डा. नरेश जौहरी भी एक अगस्त से अवकाश पर हैं। स्थिति यह है कि जिला चिकित्सालय में ओपीडी का जिम्मा निश्चेतक डा. हिमांशु मिश्रा संभाल रहे हैं।
जिला चिकित्सालय में दशोली ब्लॉक के साथ ही जोशीमठ, घाट और निजमूला घाटी के मरीज स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए पहुंचते हैं, लेकिन चिकित्सकों की कमी होने से मरीजों को स्वास्थ्य लाभ के लिए रुद्रप्रयाग, श्रीनगर और देहरादून जाना पड़ रहा है। सर्जन डा. जौहरी के अवकाश पर चले जाने से जिला चिकित्सालय में परिवार नियोजन के आपरेशन भी नहीं हो पा रहे हैं। बीते 28 जून को चिकित्सालय में स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. शालिनी डिमरी ने अपनी तैनाती दी, लेकिन ज्वाइनिंग के दूसरे दिन ही वे अवकाश पर चली गई थी। जिसके बाद अब उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का आवेदन किया है। नेत्र सर्जन डा. शशिबाला वासन और सर्जन डा. नरेंद्र चौहान भी ज्वाइनिंग के दूसरे दिन से ही अवकाश पर चल रहे हैं। जिससे जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य व्यवस्था अब पूरी तरह से पटरी से उतर गई है। प्रतिदिन यहां करीब दो सौ ग्रामीण स्वास्थ्य लाभ के लिए पहुंच रहे हैं।
इधर, मुख्य चिकित्सा अधिक्षक डा. विराज शाह का कहना है कि चिकित्सकों के अवकाश पर जाने से चिकित्सालय में स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु रखना मुश्किल बना हुआ है। स्वास्थ्य निदेशालय से भी चिकित्सकों की मांग की गई है।