श्रीनगर। लंबे इंतजार के बाद स्वास्थ्य महानिदेशालय ने राजकीय संयुक्त अस्पताल श्रीनगर में बिना पद के एक विशेषज्ञ चिकित्सक को भेजा, लेकिन वह भी चलते बने। एक साल में दो ट्रांसफर से खिन्न होकर उन्होंने वीआरएस (स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति) लेना उचित समझा।
राजकीय संयुक्त अस्पताल श्रीनगर से दो माह पूर्व तीन चिकित्सकों का तबादला कर दिया गया था, जबकि एक चिकित्सक इसी माह स्थानांतरित हुए हैं। इनके स्थान पर सिर्फ एक ही चिकित्सक हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. जेपी उनियाल आए। खास बात यह है कि संयुक्त अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ का पद सृजित नहीं है। इसके बावजूद स्वास्थ्य महानिदेशालय ने उनका यहां तबादला कर दिया।
डा. उनियाल लगभग आठ माह पूर्व ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कर्णप्रयाग से ट्रांसफर होकर देहरादून के प्रेमनगर अस्पताल गए थे। तीन साल सेवा देने के बाद उनका ट्रांसफर प्रेमनगर हुआ, लेकिन उनको पुन: पहाड़ में स्थित जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग जाने का फरमान दे दिया गया। जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग में तैनात हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. बडोनी ने वहीं रहने की इच्छा जाहिर की। इसके बाद डा. उनियाल को बिना पद के संयुक्त अस्पताल श्रीनगर जाने के आदेश हुए।
श्रीनगर आने के बाद वह वीआरएस के लिए आवेदन करते हुए चले गए। बताया जा रहा है कि बार-बार ट्रांसफर किए जाने से क्षुब्ध होकर उन्होंने यह कदम उठाया। इधर, डा. उनियाल ने सरकारी नौकरी छोड़ने की पुष्टि की है।
डा. उनियाल का वीआरएस लेने की जानकारी मेरे संज्ञान में नहीं है। शीघ्र ही नए डॉक्टर भेजे जाएंगे।
-डा. डीएस रावत, महानिदेशक स्वास्थ्य उत्तराखंड