अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
आने वाले दस दिन बिजली संकट से भरे होंगे। शहर के विभिन्न इलाकों में 31 अगस्त तक बिजली कटौती रहेगी। ऊर्जा निगम की ओर से कटौती का कारण आरएपीडीआरपी योजना के तहत काम करना बताया गया है।
केंद्र सरकार की योजना आरएपीडीआरपी के तहत हरिद्वार में 500 छोटे- बड़े ट्रांसफार्मर लगाए गए थे। इतना ही नहीं 800 मीटर एबीसी कंडेक्टर (मोटी काली तार) भी डाली गई थी। योजना के लिए केंद्र की ओर से पांच वर्ष पहले करोड़ों का बजट दिया गया था। वर्ष 2016 तक काम पूरा करने का लक्ष्य था। अब काम अपने अंतिम चरण पर है। योजना का काम 31 अगस्त तक जारी रहेगा।
कब कहां कटौती
सप्तऋषि से लेकर ज्वालापुर तक अलग- अलग दिनों में कटौती की जाएगी। निगम के अनुसार कटौती सुबह 11 से 12 बजे और दोपहर तीन से पांच बजे तक होगी। दो दिन हुई बिजली की कटौती 11 से पांच बजे तक की जा रही है। शनिवार को मायापुर फीडर, देवपुरा फीडर की कई कालोनियों में की गई। 20 अगस्त को औद्योगिक क्षेत्र हरिद्वार का फीडर, 21 को बैरागी कैंप फीडर के कनखल क्षेत्र, सन्यास रोड़, 23 को लालजीवाला, ललतारो पुल, 24 को लालजीवाला फीडर के मायापुर, 25 को मायापुर, देवपुरा, 27 को औद्योगिक क्षेत्र हरिद्वार, 28 लालजीवाला और पंतद्वीप फीडर, 30 को मायापुर और देवपुरा फीडर, 31 न्यू हरिद्वार और कनखल, कृष्णानगर फीडर पूरी तरह बंद रहेंगे। 22, 26 और 29 अगस्त को कटौती नहीं की जाएगी। अधिशासी अभियंता वीएस पंवार ने बताया कि आरएपीडीआरपी योजना वालों ने काम पूरा करने के लिए शर्ट डाउन मांगा गया है। जल संस्थान को भी इसकी जानकारी दे दी गई है।
मध्य हरिद्वार में छह घंटे बिजली गुल
अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
मध्य हरिद्वार में छह घंटे बिजली गुल होने से लोग परेशान रहे। पूरी तरह बिजली- पानी न होने से क्षेत्र की लगभग 50 हजार की आबादी प्रभावित रही।
शनिवार की सुबह से ही अघोषित बिजली कटौती से करीब छह घंटे तक मध्य हरिद्वार के कई मोहल्लों में बिजली कटौती की चपेट में रहे। छह घंटों तक बिजली गुल रहने से पानी की समस्या से भी क्षेत्रवासियों को परेशानियां झेलनी पड़ी। इसमें मायापुर, ऋषिकुल, देवपुरा, आवास विकास कालोनी, शिवलोक, मॉडल कालोनी, खन्ना नगर, शंकर आश्रम समेत अन्य कालोनियों में बिजली छह घंटे तक गुल रहने से गृहणियों को भी असुविधाओं का सामना करना पड़ा।
विभागीय अधिकारी उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति सुचारु रूप से नहीं दे पा रहे हैं। उपभोक्ताओं ने यह भी शिकायत की कि ऊर्जा निगम के अधिकारी अघोषित बिजली कटौती पर सही जवाब नहीं देते हैं साथ ही उपभोक्ताओं के फोन भी रिसीव नहीं करते हैं। लोगों ने बताया कि ऊर्जा निगम के कुछ कर्मचारी अवैध रूप में बिजली के कनेक्शन लोगों को बांट रहे हैं जिसके चलते अतिरिक्त लोड होने से बिजली कटौती की जाती है।
ऊर्जा निगम के अधिकारियों की मानें तो आरएपीडीआरपी योजना के तहत क्षेत्र के ट्रांसफार्मर में काम किया जा रहा है। इसके साथ ही लॉपिंग का काम ऊर्जा निगम करा रहा है। जिसके चलते बिजली कटौती की गई। अधिशासी अभियंता वीएस पंवार ने बताया कि लोगों को पहले ही कटौती की जानकारी दे दी गई है। कटौती आगे भी जारी रहेगी।