अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में युवा क्रांति वर्ष के उत्तरार्द्ध में नारी सशक्तीकरण के तहत पांच दिवसीय नारी चेतना जागरण शिविर का शुभारंभ हुआ। श्रृंखला के प्रथम शिविर में गुजरात प्रांत के दस जिलों के तीन सौ से अधिक बहनें शामिल हैं। महिला मंडल की वरिष्ठ सदस्या डा. गायत्री शर्मा, श्रीपर्णा दत्ता एवं शेफाली पंड्या ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर शिविर का शुभारंभ किया।
उद्घाटन सत्र में शेफाली पंड्या ने कहा कि नारी अब पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने की स्थिति में आ गई हैञ उन्हें अबला नहीं कहा जा सकता। नारियां प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। कहा कि नारी स्वयं के विकास के साथ अपने व परिवार के नौनिहालों को विकसित करने में समय लगाएं। साथ ही दहेज प्रथा, कुरीति उन्मूलन, अंधविश्वास जैसे बुराइयों को जड़ से मिटाने में बहनों की विशेष भूमिका होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सुशिक्षित एवं समर्थ बहनें आगे आएं और ऐसे प्रशिक्षण चलाएं, जिससे समाज व राष्ट्र के निर्माण में योगदान दे सकें। पंड्या ने साधना, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन, सुसंस्कारिता, सत्संग, स्वाध्याय एवं संगीत आदि विभिन्न गतिविधियों द्वारा बहनों को अपने बौद्धिक व आत्मिक विकास के उपाय सुझाए।
शिविर संयोजिका के अनुसार बालसंस्कार शाला के उद्देश्य, व्यक्तित्व विकास, बच्चों का भावनात्मक विकास, जल संरक्षण, हरीतिमा संवर्धन, स्वच्छता अभियान, नारी जीवन की समस्याएं एवं उसका समाधान, स्वाध्याय जीवन की अनिवार्यता, गर्भोत्सव आंदोलन सहित 24 सत्र में सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस अवसर पर अहमदाबाद, सूरत, भावनगर, जामनगर, खेड़ा, पाटण, भरुच, मोरबी, राजकोट आदि जिलों से आई तीन सौ से अधिक बहनें उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संचालन श्यामा राठौर ने किया।
शांतिकुंज से राहत दल बिहार रवाना
हरिद्वार। संस्था की अधिष्ठात्री शैलदीदी के निर्देश पर शांतिकुंज आपदा प्रबंधन का एक दल बिहार के लिए रवाना हुआ। दल में रामयश तिवारी, रमाकांत पंडित आदि शामिल हैं। यह दल बिहार के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को सर्वे करेगा और प्रभावित लोगों से चर्चा कर जरूरी राहत सामग्री प्रदान करेगा। शांतिकुंज आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार बिहार व झारखंड के परिजनों की टीम बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सेवा कार्य में जुटी है।