15 अगस्त 1947 को डोईवाला के प्राथमिक विद्यालय में मनाया गया था प्रथम स्वतंत्रता दिवस
बुजुर्गों ने पहले प्रथम स्वतंत्रता दिवस की यादें साझा कीं
अमर उजाला ब्यूरो
डोईवाला।
स्वतंत्रता मिलने के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से तिरंगा लहराते देखने के लिए डोईवाला के प्राथमिक विद्यालय में क्षेत्र के लोगों का हुजूम उमड़ पड़ था। हर किसी की आंखों में उत्साह और गर्व दिख रहा था। उस दिन तिरंगे को सलाम करने के लिए लोग उमड़ पड़े थे।
स्वतंत्रता दिवस की 71वीं वर्षगांठ के मौके पर नगर के बुजुर्गों ने यहां आयोजित किए गए पहले स्वतंत्रता दिवस समारोह और उस समय की घटनाओं को साझा किया। सन 1944 से नगर में व्यापार करने वाले 93 वर्षीय रामकुमार गोयल स्वतंत्रता दिवस की चर्चा करते हुए कहते हैं कि नगर के प्राथमिक विद्यालय में ध्वजारोहण के लिए भारी संख्या में लोग जुटे थे। जय हिंद के नारों से आसमान गूंज उठा था।
नगर चौक निवासी 87 वर्षीय सुंदरसिंह पाल बताते हैं कि युवाओं में पहले स्वतंत्रता दिवस को लेकर बड़ा उत्साह था। लोग उस दिन हाथों में तिरंगा लेकर पूरे क्षेत्र में घूमे थे। आजादी से सांस लेने के पहले दिन क्षेत्र के लोगों ने मिलजुल कर स्वतंत्रता दिवस मनाया था। बुजुर्ग बताते हैं कि आज आजादी के सात दशक पूरे हो जाने के बाद भी उनमें स्वतंत्रता दिवस को लेकर उत्साह है जबकि लोग इसको मनाने की औपचारिकता ही करते हैं। जिस शिद्दत से पहला स्वतंत्रता दिवस मनाया गया था वह अब दिखाई नही दे रहा है। नगर के यह वयोवृद्ध लोग मौजूदा और आने वाली पीढ़ियों को स्वतंत्रता दिवस के मायने समझाने का प्रयास करते हुए कहते हैं यदि देशप्रेम की भावना से ओतप्रोत होकर पर्व को मिलजुल कर मनाएंगे तो देश का नवनिर्माण संभव है।