आबादी में तोड़फोड़, फसलें कीं तहस-नहस
अमर उजाला ब्यूरो
डोईवाला।
वन सीमा से सटे गांवों में जंगली हाथियों का उत्पात थमने का नाम नही ले रहा है। रविवार रात हाथियों के झुंड ने कई घरों की चारदीवारी तोड़ दी और फसलों को रौंद दिया।
लच्छीवाला वन रेंज के लच्छीवाला मिस्सरवाला गांव में देर रात जंगली हाथियों ने आबादी में तोड़फोड़ की। बारिश में जंगली हाथियों का झुुंड आबादी में आ गया और चिंघाड़ने लगा। मिस्सरवाला में युकां नेता विक्रम नेगी के घर में किचन गार्डन तहस-नहस करते हुए प्रेमलाल बडोला, दीवान सिंह बिष्ट, मकान सिंह पंवार, हरी सिंह धनई, धनीराम पंत आदि कई लोगों के घरों की चारदीवारी को क्षतिग्रस्त कर दिया। हरदेव सिंह, जगदीश प्रसाद जखमोला, गुलाब सिंह आदि के खेतों में गन्ने और मक्का की फसल को रौंद दिया।
सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम के साथ मिलकर ग्रामीणों ने हाथियों को जंगल में खदेड़ा। आबादी में हाथियों के उत्पात से ग्रामीण सहमे हुए हैं। लच्छीवाला ग्राम प्रधान गीता सावन ने कहा कि बाड़ के अभाव में जंगली हाथी आबादी में आ जाते हैं जिससे लोगों को जानमाल का खतरा है। विभाग को समस्या को गंभीरता से लेना चाहिए। युकां प्रदेश सचिव विक्रम नेगी, विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष मनमोहन नौटियाल और कांग्रेस नेता धीरेंद्र चौहान आदि ने वन विभाग से समस्या निदान की मांग की है। लच्छीवाला रेंजर घनानंद उनियाल ने बताया कि हाथियों को खदेड़ने के लिए गश्ती दल सक्रिय है। समस्या के स्थाई निदान के लिए उच्चाधिकारियों से विचार विमर्श किया जा रहा है।