गौचर। तीन दिवसीय शिवशक्ति सांस्कृतिक पर्यटन विकास मेले के दूसरे दिन गंगनाली क्षेत्र का सूगी गांव आस्था और संस्कृति के संगम का गवाह बना। गांव के वासुकेश्वर महादेव में जहां महारुद्राभिषेक पाठ के अनुष्ठान में ग्रामीणों ने भागीदारी की, वहीं दोपहर बाद लोक जागृति विकास संस्था और लोक गायिका हेमा नेगी करासी के गीतों पर लोग झूम उठे।
सूगी के चंडिका मंदिर और शिव मंदिर के पास मेला मैदान में दूसरे दिन लोक कलाकारों ने गढ़वाली, कुमाऊंनी सहित जागरों की प्रस्तुतियां दीं। राकेश लाल और दिनेश लाल की ढोल दमाऊं की थाप से गंगनाली क्षेत्र गुंजायमान रहा। संस्कृति विभाग की ओर से लोक गायिका हेमा नेगी करासी और साथी कलाकारों ने ‘दैणा होया खोली का गणेशा’ से अपनी प्रस्तुति शुरू की। करासी ने ‘कैलासू में रेंदा शंभू भोलेनाथ..’ से शिव पार्वती की महिमा बताई तो ‘मोहना तेरी भूमि...’जागर की प्रस्तुति में देवताओं के महत्व को बताया। लोक जागृति विकास संस्था के जितेंद्र कुमार ने ‘नंदा तेरी जात पैटण बैठिगे..’ सहित अन्य लोक गीतों की प्रस्तुति दी तो ‘बेटी कु मोल बड़ू अनुमोल..’ से बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का संदेश दिया। इससे पूर्व मंदिर में आचार्य परशुराम खाली, संतोष खाली और नीलकंठ खाली ने महारुद्राभिषेक पाठ का आयोजन किया। इस मौके पर क्षेत्र पंचायत सदस्य ईश्वर सिंह राणा, करछूना के प्रधान सुखदेव सिंह कंडारी, चंदू भंडारी, सुनील चमोली, गौतम मिंगवाल, हरीश सती, महेश खंडूड़ी, कमलेश गैरोला, भूपेंद्र रावत, महिला मंगल दल अध्यक्ष मदमा देवी आदि उपस्थित थे।