अमर उजाला ब्यूरो
धनौरी।
पर्यटन और संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने हरिद्वार- रुड़की के बीच गंगनहर को टूरिज्म जोन के रूप में विकसित कर यहां मोटर बोट संचालित करने की बात कही है। हालांकि वर्तमान में यहां लगातार गंदगी डाले जाने से यह नहर कूड़ादान बनकर रह गई है। अब तक सभी सरकारों ने इसे विकसित करने के दावे किए, लेकिन धरातल पर कुछ हुआ नहीं। अब सतपाल महाराज के दावे की हकीकत का पता तो आने वाले दिनों में ही पता चल सकेगा।
कभी इस पुरानी गंगनहर के कारण धनौरी का सुंदरीकरण लोक लुभावना हुआ करता था। पुरानी गंगनहर के समीप बना उत्तराखंड नहर का निरीक्षण भवन अधिकारियों को हरिद्वार डाम कोठी जैसा ही लुभाता था। नई गंगनहर के निर्माण के बाद बंद पड़ी पुरानी गंगनहर की हालत बदतर हो चली है। ग्रामीणों ने नई नहर के निर्माण के दौरान भी प्रशासन से पुरानी नहर को भी चलाने की मांग की थी लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगी।
समाजसेवी नकलीराम सैनी ने बताया कि यह नहर उत्तरप्रदेश सरकार के अधीन है। कई बार यूपी के मुख्यमंत्री और सिंचाई मंत्री को ज्ञपन देकर ज्वालापुर से लेकर रुड़की के बीच पुरानी गंगनहर का संचालन कराने की मांग उठाई, लेकिन हुआ कुछ नहीं। उन्होंने पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के दावे को उम्मीद की किरण बताते हुए कहा कि शायद अब कुछ सकारात्मक कार्रवाई हो सके। फिलहाल बंद पड़ी गंगनहर को हर कोई कूड़ेदान के तौर पर प्रयोग कर रहा है। ग्रामीणों सिंधु देवी, अरविंद, महरुफ सलमानी, राकेश सैनी, मांगेराम, सुभाष सैनी, माधोराम, सुधीर सैनी, अमित सैनी और योगेश आदि ने शीघ्र ही पुरानी गंगनहर चलाने की मांग की है।
वहीं उत्तरीखंड गंगनहर के अधिशासी अभियंता सीबी यादव ने बताया कि पुरानी गंगनहर को चलाने को लेकर शासन से दिशा निर्देश प्राप्त नही हुए है। शासन की ओर से आदेश आने पर ही पुरानी गंगनहर को चलाया जाएगा।