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दो खेमों में बंट गई जनपद की भाजपा

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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
प्रेमनगर आश्रम के नाले को कब्जामुक्त कराने गए मेयर पर हमले को लेकर राजनीति शुरू हो गई है। जनपद भाजपा के शीर्ष नेता दो खेमे में बंटे नजर आ रहे हैं। भाजपा के तीन विधायक और जिलाध्यक्ष प्रेमनगर आश्रम पहुंचकर प्रबंधन से मिले और पूर घटनाक्रम को लेकर अफसोस जताया। विधायकों ने कहा कि मिल बैठकर मामले का समाधान निकाला जा सकता था।
प्रेमनगर आश्रम के पीछे जलभराव होने पर नाले को कब्जामुक्त कराने के लिए शहर के हजारों लोग एकत्रित हो गए। पथराव में कई लोग चोटिल भी हुए। दूसरी ओर भाजपा विधायक संजय गुप्ता, आदेश चौहान, स्वामी यतीश्वरानंद और जिलाध्यक्ष डा. जयपाल सिंह चौहान प्रेमनगर आश्रम पहुंचकर प्रबंधन से मिले। विधायकों ने कार्रवाई को निदंनीय बताया। लक्सर के विधायक संजय गुप्ता ने कहा कि आश्रम मंदिर के समान होता है। आश्रम की दीवार गिराने के साथ मुख्य गेट पर कूड़ा डालना निदंनीय है। जलभराव की समस्या थी तो नाले को लेकर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज से या उनके प्रतिनिधियों से या आश्रम प्रबंधन के साथ वार्ता कर मामले को सुलझाया जा सकता था। स्वामी यतीश्वरानंद ने कहा मेयर मनोज गर्ग और सतपाल महाराज एक ही परिवार के लोग हैं। मिल जुलकर मामला सुलझाया जा सकता था। इस तरह से कानून अपने हाथ में किसी को नहीं लेना चाहिए था।
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हमलावरों पर कार्रवाई को अमरण अनशन शुरू
हरिद्वार। प्रेमनगर आश्रम के अनुयायियों ने मेयर सहित उनके समर्थकों पर कार्रवाई की मांग को लेकर आश्रम के गेट के सामने बैठकर आमरण अनशन शुरू कर दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि पुलिस ने उन पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो देशभर के समर्थक अनशन पर बैठने को मजबूर होंगे।
प्रेमनगर आश्रम के गेट पर कूड़ा डालने से क्षुब्ध और आश्रम की दीवार तोड़े जाने पर मेयर सहित अन्य लोगों पर कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठे अनुयायियों ने कहा कि राजनीति में आने से पहले महाराज उनके गुरु हैं। जिस तरह से मेयर मनोज गर्ग और उनके साथ आए लोगों ने महाराज के लिए अपशब्दों का प्रयोग किया उससे उन्हें आघात पहुंचा है। अनुयायी उनके खिलाफ किसी को भी अपशब्द नहीं बोलने देंगे। उन्होंने मांग उठाई कि जब तक मेयर माफी नहीं मांगेंगे, तब तक अनशन जारी रहेगा। कहा कि जिस तरीके से मेयर के इशारे पर नगर निगम के कर्मचारियों ने आश्रम के गेट के सामने कूड़ा डाला, ये निदंनीय है। आमरण अनशन पर अभिनव शर्मा, रोहित कुमार, कुलदीप रावत, महात्मा भजमानंद, पंकज पांडे, प्रतीक शर्मा, शुभम शुक्ला, शुभम भारती, पवन कुमार, सुनील नेगी, गणेश कुमार, रवि कुमार आदि शामिल हुए। वहीं आश्रम के सचिव रमणीक सिंह ने आरोप लगाया कि मेयर मनोज गर्ग ने यह हमला राजनीतिक विद्वेष के चलते करवाया। कारण हाल ही में आश्रम में चली प्रदेशस्तरीय ढोल-दमाऊं कार्यशाला में संस्कृति विभाग की ओर से मेयर को नहीं बुलाना था। आश्रम के अधिष्ठाता सतपाल महाराज के बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर यह साजिश रची गई। वहीं दूसरी ओर मेयर के समर्थन में पार्षदों ने बैठक कर चेतावनी दी कि अगर मेयर के हमलावर गिरफ्तार नहीं किए गए तो आंदोलन तेज किया जाएगा।

भाजपाइयों ने महाराज पर निकाली भड़ास
हरिद्वार। ऐसा पहली बार हुआ है कि भाजपाई अपनी पार्टी के दिग्गज नेता और कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के खिलाफ सड़क पर उतरे हैं। हालांकि मामला शहर की प्रमुख समस्या जलभराव से जुड़ा था, लेकिन भाजपाइयों ने कैबिनेट मंत्री के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली।
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चंद्राचार्य चौक के साथ आसपास की कालोनियों से निकलने वाले पानी की निकासी के लिए न्यू हरिद्वार की मुख्य सड़क के किनारे बने नाले मुख्य हैं। इस पर शहर के लोग प्रेमनगर गंगनहर पुल पर एकत्रित होकर नाले को कब्जामुक्त कराने की मांग करने लगे, लेकिन आश्रम के सेवकों ने मेयर पर हमला कर पत्थरबाजी की। इससे शहर के भाजपा के नेता एकमत होकर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के खिलाफ हो गए। उन्होंने सतपाल महाराज के खिलाफ अपशब्दों का जमकर प्रयोग करते हुए खूब भड़ास निकाली।
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