श्रीनगर। शराब विरोधी संघर्ष समिति ने प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। कहा कि आश्वासन के 9 दिन बीत जाने के बाद भी उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई है। समिति ने चेतावनी दी है अगर पांच दिन के भीतर उनकी मांगें नहीं मानीं गईं तो वे फिर से आमरण अनशन शुरू कर देंगे।
गोतीर्थाश्रम में शराब विरोधी मुहिम को प्रशासन के आश्वासन पर 30 जुलाई को समाप्त कर दिया गया था। समिति के सदस्यों ने कहा कि इस मौके पर प्रशासन ने उन्हें 10 दिन के भीतर मांगों पर कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया था। इसके बाद आमरण अनशन कर रही राजेश्वरी जोशी ने अपना अनशन समाप्त किया। लेकिन तब से 9 दिन बीत जाने के बाद भी प्रशासन की ओर से मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है और ना ही उन्हें इस बारे में कोई जानकारी ही दी गई। संघर्ष समिति की अध्यक्ष मंजूलता रावत ने प्रशासन की इस वादाखिलाफी पर अक्रोश जताया। इस मौके पर समिति के संरक्षक प्रेमबल्लभ नैथानी, अंजू नेगी, विमला बलोनी, यशोदा खंडूड़ी, रश्मि उनियाल, सुनीता नौटियाल, उर्मिला बिष्ट, नीता कोटियाल, बबली बगियाल, विनिता गुनसोला, रूचि लखेड़ा, मुन्नी असवाल, सुनीता पांडे, संगीता जोशी, पुष्पा रावत, सीमा बंमराड़ा, दिनेश पंवार आदि मौजूद थे।