अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
संस्कृति विभाग की ओर आयोजित कार्यक्रम में विश्व रिकार्ड से उत्तराखंड के कलाकार वंचित रह सकते हैं। इसका कारण पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश बताई जा रही है। संस्कृति विभाग की मानें तो हरिद्वार में एक साथ सबसे अधिक ढोल बजाने का विश्व रिकार्ड बनना तय था, लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बारिश ने संस्कृति विभाग की योजना पर पानी फेर दिया है।
रविवार को प्रेमनगर आश्रम में संस्कृति विभाग की ओर से पांच दिवसीय ढोल दमाऊं कार्यशाला नमो नाद का शुभारंभ हुआ था। विभाग एक साथ सबसे अधिक ढोल बजाने का विश्व रिकार्ड अपने नाम करना चाह रहा था। इसके लिए संस्कृति विभाग ने 15000 कलाकारों में से 1500 से अधिक कलाकारों को हरिद्वार में विश्व रिकार्ड बनाने के लिए चुना था। चुने गए कलाकार शुक्रवार से ही हरिद्वार पहुंचना शुरू हो गए। रविवार तक 1214 कलाकार हरिद्वार पहुंच गए। करीब 300 कलाकार हरिद्वार नहीं आ सके। संस्कृति विभाग की मानें तो पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश और मार्ग बाधित होने से कई कलाकर हरिद्वार नहीं पहुंच पाए है। चमोली जिले के एक ही गांव के 50 कलाकर बीच रास्ते में फंस गए हैं। जिस कारण उत्तराखंड विश्व रिकार्ड बनने से इस बार वंचित रह गया है।