फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लक्ष्मणझूला-कांडी एनएच पर पीडब्लूडी की इंजीनियरिंग हुई फेल

विज्ञापन
विज्ञापन
आपदा मद से लगाया 36 करोड़ बारिश ने धोया
विज्ञापन

-- लक्ष्मणझूला-कांडी हाईवे पर ह्यूम पाइप सिस्टम हुआ फ्लाप
-- आपदा मद से उफान वाले बरसाती नालों पर बना दी गई ह्यूम पाइप से निकासी
-- पीडब्लूडी एडीबी आपदा डिवीजन की कार्यप्रणाली पर उठने लगे हैं सवाल

हेमवती नंदन भट्ट
ऋषिकेश। आपदा मद में निर्माणाधीन लक्ष्मणझूला फूलचट्टी-कांडी नेशनल हाईवे पर पीडब्लूडी एडीबी आपदा डिवीजन पौड़ी की इंजीनियरिंग फ्लाप साबित हुई है। महकमा यहां राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण व आपदा मद से मरम्मत में जिस तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है, उसकी हकीकत निर्माण के दौरान ही सामने आने लगी है। बीते दिनों की बारिश में विभाग द्वारा 36.36 करोड़ की लागत से आपदा मद में निर्माणाधीन सड़क कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो चुकी है। जबकि खैरखाल के समीप ह्यूमपाइप से भूमिगत किया गया नाला भी बह गया। यमकेश्वर में अगस्त-2014 में आई आपदा के बाद स्वीकृत लक्ष्मणझूला-कांडी नेशनल हाईवे के घट्टूगाड़ से कांडी-दुगड्डा तक के क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कार्य पीडब्लूडी एडीबी आपदा डिवीजन पौड़ी करा रहा है। विभाग द्वारा हाल में बनाई गई सड़क कई स्थानों पर बीते दिनों की बारिश में ही बह गई है।
इतना ही नहीं नेशनल हाईवे पर घट्टूगाड़ के समीप खैरखाल नाले पर विभाग द्वारा ह्यूम पाइप लगाकर किया गया निर्माण भी बारिश में ध्वस्त हो गया। जबकि इस स्थान पर बरसाती गदेरे का उफान इतनी तेज है कि यहां पर आरसीसी पुलिया का निर्माण किया जाना था, जिससे बारिश में पानी के साथ आने वाला मलबे की निकासी भी होती और पुलिया को नुकसान भी नहीं होता।
विज्ञापन

यही स्थिति इसी मार्ग पर पीपलकोटी के समीप चमेल्डी गदेरे की है। यहां भी विभाग द्वारा बरसाती नाले पर ह्यूम पाइप से निकासी व्यवस्था की गई है। जिसके आने वाले दिनों में अधिक बारिश में बह जाने का खतरा बना हुआ है। बीते दो दिनों की बारिश में हाईवे के इस पैच में जगह जगह हुए नुकसान के बावजूद रविवार को क्षेत्र में पीडब्लूडी एडीबी आपदा डिवीजन के अधिकारी जायजा लेने नहीं पहुंचे। जबकि पीडब्लूडी दुगड्डा सिविल डिवीजन की ओर से यहां जेसीबी की मदद से दिन भर अपने हिस्से के मार्ग में ही नहीं बल्कि एडीबी आपदा खंड के अंतर्गत आने वाले हाईवे के पैच में भी मलबा हटाने का कार्य किया गया।
सामाजिक कार्यकर्ता सत्यपाल सिंह राणा, क्षेत्र पंचायत सदस्य धन सिंह राणा, ग्रामीण विनोद जुगलाण, सिंदूड़ी के प्रधान अरुण जुगलाण आदि ने एडीबी आपदा खंड द्वारा नेशनल हाईवे पर किए जा रहे आपदा मद के निर्माण कार्य में गुणवत्ता को लेकर उंगली उठाई है। उनका कहना है कि 36.36 करोड़ की योजना की कोई मॉनिटरिंग नहीं की जा रही है, जिससे मार्ग निर्माण के दौरान ही क्षतिग्रस्त होने लगा है।
विज्ञापन

कोट्स
विभाग द्वारा तेज गति से बहने वाले बरसाती नालों पर ह्यूम पाइप से निकासी व्यवस्था की गई है तो वह गलत है। ऐसे स्थानों पर आरसीसी पुलिया ज्यादा सुरक्षित रहती है। जल्द मार्ग का निरीक्षण कर अधिकारियों को निर्देशित किया जाएगा। इस बाबत क्षतिग्रस्त पैच की शीघ्र मरम्मत के लिए अधिशासी अभियंता को निर्देशित किया जा रहा है।
एसके बिरला, मुख्य अभियंता पीडब्लूडी एडीबी आपदा, देहरादून।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें