जोशीमठ। बदरीनाथ हाईवे के लामबगड़ में शनिवार को 45 घंटे बाद वाहनों की आवाजाही सुचारु हो पाई। हाईवे खुला तो पैदल ही तीर्थयात्री बदरीनाथ धाम पहुंचे। जबकि यहां बार-बार पहाड़ी से आ रहे मलबे से हाईवे बंद होने का सिलसिला जारी है। वहीं मारवाड़ी में दूसरे दिन भी वैकल्पिक मार्ग से ही वाहनों की आवाजाही करवाई गई।
बदरीनाथ क्षेत्र में बृहस्पतिवार शाम को हुई मूसलाधार बारिश से छह बजे हाईवे लामबगड़ में बाधित हो गया था। शुक्रवार को दिनभर हुई बारिश के कारण लामबगड़ में हाईवे सुचारु नहीं किया जा सका। शनिवार को मेकाफेरी कंपनी ने सुबह छह बजे मौसम साफ होते ही लामबगड़ भूस्खलन जोन पर हाईवे खोलने का कार्य शुरू किया गया। यहां साढे़ सात घंटे की मशक्कत के बाद हाईवे सुचारु किया जा सका, लेकिन आधा घंटा हाईवे सुचारु रहने के बाद करीब दो बजे पहाड़ी से अचानक बोल्डर और मलबा हाईवे पर आने हाईवे बंद हो गया। करीब एक घंटे बाद तीन बजे लामबगड़ में वाहनों की आवाजाही सुचारु कराई गई। हाईवे सुचारु होने के बाद देर शाम करीब 180 तीर्थयात्री अपने वाहनों से बदीनाथ धाम के लिए रवाना हुए, जबकि शनिवार को पैदल मार्ग से करीब 80 तीर्थयात्री बदरीनाथ धाम पहुंचे। इधर, लोनिवि की एनएच इकाई के अधिशासी अभियंता प्रवीन कुमार का कहना है कि जोशीमठ में हो रही लगातार बारिश से लामबगड़ भूस्खलन जोन पर पहाड़ी से मलबा और पत्थर छिटकने से कार्य करने में दिक्कतें आ रही हैं। हाईवे सुचारु रखने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।