अमर उजाला ब्यूरो
पथरी।
क्षेत्र में कई गांवों के किसान ने हाथियों के डर से मूंगफली की खेती करनी बंद कर दी है। करीब बीस साल पहले गंगा के किनारे मूंगफली की खेती होती थी। बिशनपुर कुंडी, पुरानी कुंडी, रानीमाजरा, कटारपुर और नई कुंडी के लोगों के खेत गंगा के किनारे हैं। इन स्थानों पर किसान ज्यादातर खेतों में मूंगफली बोते रहे हैं। तब मूंगफली की खूब फसल होती थी।
कई शहरों से व्यापारी यहां मूंगफली खरीदने आते थे, लेकिन पिछले कई वर्षों से जंगली जानवर खासतौर पर हाथी यहां फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसान जो भी फसल बोते हैं हाथी और अन्य जानवर इन फसलों को चट कर जाते हैं। किसानों को लागत जितना फैसा भी नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीण सुखदेव पाल, गीतूराम, ब्रजपाल, सोमपाल और बाबूराम आदि का कहना है कि पहले हाथियों को जंगल में आसानी से भोजन उपलब्ध हो जाता था। धीरे-धीरे जंगल से हरियाली खत्म होती गई। हाथियों को जंगल में भोजन मिलना बंद होने से हाथियों ने जंगल से निकलकर खेतों की ओर रुख कर लिया। हाथियों ने खेतों में घुसकर मूंगफली की फसल का नुकसान करना शुरू कर दिया। हाथियों के नुकसान से मूंगफली की फसल किसानों के लिए फायदे की जगह घाटे का सौदा साबित होने लगी। जिस पर किसानों ने धीरे-धीरे मूंगफली की फसल बोनी बंद कर दी।