आंदोलित छात्रों ने नहीं मानी एसडीएम की बात
मांगें पूरी न होने तक आमरण-अनशन समाप्त करने से इनकार
ओबीसी प्रमाण-पत्रों की जांच की मांग पर अड़े
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश।
पीजी ऑटोनोमस कॉलेज में अनशनकारी छात्रों और कॉलेज प्रशासन के बीच चल रहे गतिरोध को समाप्त कराने को लेकर बुधवार को उपजिलाधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने आंदोलित छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे।
पीजी ऑटोनोमस कॉलेज में बुधवार को छात्रसंघ उपाध्यक्ष शुभम गौड़ और विजय जुगरान का आमरण-अनशन तीसरे दिन भी जारी रहा। दोपहर करीब 12 बजे एसडीएम हरगिरि कॉलेज पहुंचे। उन्होंने प्राचार्य डा. एनपी माहेश्वरी की मौजूदगी में अनशनरत छात्रों से बातचीत की। उन्होंने छात्रों को ओबीसी प्रमाण-पत्रों के मामले को सुलझाने का भरोसा दिया। साथ ही कॉलेज प्रशासन द्वारा योग विषय में डिप्लोमाधारी छात्र-छात्राओं को पीजी डिग्री में वरीयता देने के मुद्दे को महाविद्यालय का आंतरिक मामला बताया। एसडीएम की छात्रों से कई बिंदुओं पर करीब डेढ़ घंटे तक वार्ता हुई, लेकिन सहमति नहीं बन पाई। अनशनकारी छात्र योग विषय में एडमिशन के लिए दिए गए ओबीसी प्रमाण-पत्रों की जांच और अन्य मांगों पर कार्रवाई को लेकर अड़े रहे। इस मौके पर विकास नेगी, उत्तम सिंह नेगी, मोनिका भंडारी, साक्षी भट्ट, अंकिता शर्मा, प्रियंका जुगरान आदि मौजूद थे।
छात्रसंघ उपाध्यक्ष की तबीयत बिगड़ी
मांगों को लेकर महाविद्यालय में अनशनरत छात्रसंघ के उपाध्यक्ष शुभम गौड़ की तबीयत बुधवार दोपहर बाद बिगड़ गई। कॉलेज प्रशासन ने उसे आपातकालीन सेवा 108 से एसपीएस राजकीय चिकित्सालय में भर्ती कराया। गौड़ ने कहा है कि कॉलेज प्रशासन प्रवेश प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी कर रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।